Twin Tower Demolition: नोएडा में भ्रष्टाचार की इमारत गिर गई है। तय समय पर सायरन बजने के साथ ही सुपरटेक ट्विन टावर (Twin Tower Demolition) में विस्फोट हुआ और कुछ ही सेकेंड में बिल्डिंग जमींदोज हो गई। दूर तक धमाके की आवाज के साथ धूल का गुबार फैल गया। दोनों गगनचुंबी इमारत ताश के पत्तों की तरह से बिखर गई। 3700 किलोग्राम विस्फोटक के जरिए इमारत को ढहाया गया। कुछ देर पहले तक कुतुब मीनार से ऊंचा ट्विन टावर दिखाई दे रहा था। अब ये मलबे में तब्दील हो गया है।
अधिकारियों ने बताया कि धूल के कण अभी हवा में रहेंगे और साथ ही आस-पास की किसी भी बिल्डिंग को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। धूल को स्थिर करने के लिए पानी को स्प्रे करने के लिए एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सब कुछ तय प्लान के मुताबिक हुआ
नोएडा की CEO ने कहा कि तय प्लान के मुताबिक टावर को गिराया गया है। उन्होंने कहा कि थोड़ा सा मलबा सड़क और ATS की दीवार की ओर गया है। बिल्डिंग गिरने के बाद डस्ट क्लाउट बना था। फिलहाल सभी ठीक है। शाम 6.30 बजे के बाद आसपास की सोसाइटियों में रहने वाले लोगों को घर में आने की अनुमति दी जाएगी। क्लीनिंग कराई जाएगी। गैस की सप्लाई और बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। बता दें कि सुपरटेक के ट्विन टावर्स ध्वस्त होने के बाद धूल अगले तीन से चार दिनों तक लोगों को परेशान कर सकती है। इससे बचने के लिए बच्चों और बुजुर्गों को मास्क लगाने की जरूरत पड़ेगी।
पूरा इलाका नो फ्लाइंग जोन
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 28 अगस्त को दोपहर 2:30 बजे ये दोनों टॉवर जमींदोज कर दिए गए। मुंबई की कंपनी एडिफिस इंजीनियरिंग और दक्षिण अफ्रीकी सहयोगी जेट डिमोलिशन ने दोनों टॉवरों के ध्वस्तीकरण का काम पूरा किया। 32 मंजिला एपेक्स (100 मीटर) और 29 मंजिला सियान (97 मीटर) टॉवर में 3700 किलोग्राम विस्फोटक लगाकर तारों से जोड़ दिया गया था। मुख्य तार को एक बटन से जोड़ दिया गया। जिसे 100m दूर से प्रेस करने के साथ ही ब्लास्ट हुआ। ट्विन टॉवर्स 7 सेकेंड में जमींदोज हो गए। इस दौरान एहतियात के तौर पर आसपास की सड़कों को बंद रखा गया। पूरे इलाके को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया था।