Supertech Twin Tower Demolition: सुपरटेक (Supertech) के नोएडा ट्विन टावर्स (Twin Towers) को 28 अगस्त को कंट्रोल्ड इम्प्लोजन तकनीक (Controlled Implosion Technique) का इस्तेमाल करके गिराया जाना है। इसके लिए 3,700 किलोग्राम से ज्यादा विस्फोटकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन दोनों टावर्स के ढहने के बाद 30,000 टन से ज्यादा का मलबा इकट्ठा होने की उम्मीद है।
सभी विस्फोटक को अच्छी तरह से फिट किए जाने के बाद, एक्सपर्ट उन्हें फ्लोर के अनुसार लिंक करना शुरू कर देंगे और आखिर में, बिल्डिंग-टू-बिल्डिंग कनेक्शन पूरा हो जाएगा, जिसके बाद फाइनल बटन दबाया जाएगा।
एडिफिस इंजीनियरिंग पार्टनर उत्कर्ष मेहता ने Moneycontrol को बताया, "विस्फोट के जरिए ही इसे गिराया जाएगा। इसे चार्ज करना होगा। सुरक्षा की दृष्टि से आखिरी दिन फाइनल कनेक्शन किया जाएगा।"
उन्होंने आगे कहा, "आखिरी कनेक्शन दोपहर 2 बजे ही किया जाएगा, जब बिल्डिंग के एक प्वाइट से एक तार और एक शॉक ट्यूब उस प्वाइंट तक आ जाएगी, जहां से हम बटन दबाने जा रहे हैं।"
कुछ सेकंड में जमींदोज होंगे टावर
ट्विन टावरों से 250 मीटर की दूरी पर तैनात छह सदस्यों की एक टीम फाइनल बटन दबाएगी। विस्फोटकों को फटने में ठीक 9 सेकंड और इमारत को उखड़ने में चार से छह सेकंड का समय लगेगा। उन्होंने कहा, "पूरे प्रोसेस में 12 से 13 सेकंड से ज्यादा समय नहीं लगेगा।" इसकी आवाज तालियों की गड़गड़ाहट की तरह होगी।
उन्होंने कहा, "ट्रायल विस्फोट के दिन, आवाज पटाखों जैसी थी। तभी हमने छह कॉलम ब्लास्ट किए थे। फाइनल विस्फोट के दौरान, कॉलम की संख्या काफी ज्यादा होती है और आवाज बारिश से पहले बिजली कड़कने जैसी होगी। धमाके की आवाज करीब 150-200 डेसीबल होगी।"
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ट्विन टावर्स को ध्वस्त किया जा रहा है। ऐसा पाया गया है कि इसे अवैध और नियमों का उल्लंघन कर बनाया गया था।
प्रोजेक्ट अधिकारियों के अनुमानों के अनुसार, एपेक्स (32 मंजिला) और सेयेन (29 मंजिला) के विध्वंस से लगभग 30,000 क्यूबिक मीटर मलबा इकट्ठा होगा। इस तब साफ किया जाएगा, जब ब्लास्ट के बाद धूल के बादल छंट जाएंगे।
मलबे के मैनेजमेंट की योजना पहले से ही चल रही है और एडिफिस इंजीनियरिंग ने एक स्तर की रिपोर्ट पेश की है। मेहता ने कहा कि भले ही इमारतों को कुछ सेकंड में ध्वस्त कर दिया जाएगा, लेकिन उस पूरे मलबे को हटाने में कम से कम तीन महीने लग सकते हैं।