Supertech Twin Towers: जानिए किस तकनीक से गिराए जा रहे नोएडा के ट्विन टावर, ऐसे में लग जाते 2 साल

Supertech Twin Towers: नोएडा में सुपरटेक के अवैध ट्विन टावर को सुरक्षित तरीके से गिराने के लिए तीन विकल्प थे। इसे विस्फोटक से कुछ सेकंड में गिरा दिया जाए या फिर तोड़ा जाए जिसमें डेढ़ से दो साल का समय लगता

अपडेटेड Aug 28, 2022 पर 11:58 AM
टावरों में विस्फोट करने के दौरान आसपास 500 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।

Supertech Twin Towers: नोएडा की सुपरटेक के ट्विन टावर (एपेक्स Apes और सियान Cyon) को 28 अगस्त को गिराने की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। टावर गिराए जाने से जुड़े हर महकमे ने इसे अंतिम रूप दे दिया है। टावर को गिराए जाने के समय के दौरान दोपहर 2:15 बजे से 2:45 बजे तक नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे (Noida-Greater Noida Expressway) को भी पूरी तरह से बंद रखा जाएगा। इसे वाटर फॉल इम्प्लोजन तकनीक (water fall implosion technology) से सुरक्षित तरीके से गिराया जाएगा।

इमारत को गिराने के 3 विकल्प

बता दें कि अवैध ट्विन टावर को सुरक्षित तरीके से गिराने के लिए 3 विकल्प थे। टावर गिराने वाली कंपनी ने कहा कि उनके पास किसी भी ढांचे को गिराने के लिए तीन विकल्प – डायमंड कटर, रोबोट का इस्तेमाल और ‘इम्प्लोजन’ (ध्वस्त करना) है। इमारत को गिराने का तरीका तीन आधारों- लागत, समय और सुरक्षा- पर चुना गया है। ‘डायमंड कटर’ तकनीक से इमारत को पूरी तरह से गिराने में करीब दो साल का समय लगता और इस पर ‘इम्प्लोजन’ तकनीक के मुकाबले पांच गुना लागत आती। इस तकनीक के तहत ऊपर से नीचे की ओर क्रेन की मदद से प्रत्येक खंभों, दीवारों और बीम को काट-काट कर अलग करना होता है।

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कुतुब मीनार से ऊंची इमारत

यह इमारत करीब 100 मीटर ऊंची है, जो कुतुब मीनार की ऊंचाई से भी अधिक है। इमारत को गिराने का काम कर रहे एडफिस इंजीनियरिंग के अधिकारी ने बताया कि इसे 28 अगस्त को ‘‘वाटर फॉल इम्प्लोजन’ तकनीक से सुरक्षित तरीके से गिराया जाएगा। उन्होंने बताया कि एपेक्स टावर (32 मंजिला) और सियान (29 मंजिला) 15 सेंकेड से भी कम समय में ताश के पत्ते की तरह गिरा दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि साथ ही सुनिश्चित किया जाएगा कि आसपास की इमारतों को नुकसान नहीं पहुंचे। एक इमारत ट्विन टावर से सिर्फ 9 मीटर की दूरी पर स्थित है। एडिफिस कंपनी के उत्कर्ष मेहता ने बताया कि उन्हें भरोसा है कि दोनों टावर पूरी तरह से गिरा दिए जाएंगे। आसपास के लोगों को किसी तरह की कोई समस्या नहीं होगी। इस दौरान आसपास की किसी इमारत में दरार आ सकती है, लेकिन कोई बड़ा नुकसान होने की संभावना नहीं है।

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