Twin Towers Demolition: देश की सबसे ऊंची ‘भ्रष्टाचार’ की इमारत आज कुछ ही घंटों बाद जमींदोज हो जाएगी। ट्विन टावर गिराने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। आज दोपहर 2.30 बजे इस गिरा दिया जाएगा। कहा जा रहा है कि इसे गिराने में 17 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इसको गिराने का खर्च 20 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। ट्विन टावर को गिराने का खर्च बिल्डर ही उठाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इसे गिराया जा रहा है।
सिर्फ 12 सेकंड में हो जाएगा ध्वस्त
यह गगनचुंबी इमारत 12 सेकंड में ध्वस्त हो जाएगी। जिस जगह ये ट्विन टावर बना हुआ है। उस जगह की कीमत मौजूदा समय में 10,000 रुपये प्रति वर्ग फीट है। मतलब ट्विन टावर की कीमत अभी के हिसाब से एक हजार करोड़ से भी ज्यादा है। लेकिन विवाद के चलते अगर ट्विन टावर की वैल्यू की बात करें तो करीब 800 करोड़ ट्विन टावर की कीमत लगाई गई है। इसे बनाने में 250 से 300 करोड़ के बीच खर्च हुआ था। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट में इसे बनाने में खर्च 400 करोड़ रुपये भी बताया जा रहा है।
इंजीनियर ने कहा नर्वस हूं
एडिफिस इंजीनियरिंग कंपनी के मालिक उत्कर्ष मेहता ने कहा कि ट्विन टावर्स में वाइब्रेशन मॉनिटर मशीनें लगा दी गयी हैं। उन्होंने कहा कि विस्फोट की पूरी घटना रिकॉर्ड होगी। मैं नर्वस हूं। आज इतना बड़ा ऑपरेशन होने जा रहा है। हम 8 महीने से इसकी तैयारी कर रहे थे। हमारा आत्मविश्वास कायम है। उन्होंने बताया कि 9 नहीं 12 सेकेंड में ट्विन टॉवर्स जमींदोज होंगे। पहले 5 सेकेंड में दोनों टॉवरों में विस्फोट होंगे। इसके बाद 7 सेकेंड तक बारूद जलेगी। इसी सात सेकेंड में ये बहुमंजिला टॉवर्स मलबे में तब्दील होंगे।
पिछले साल कोर्ट ने दिया था आदेश
नेशनल बिल्डिंग कोड को ताक पर रख कर सुपरटेक ने ट्विन टॉवर बनाया गया था। रातों रात बिल्डिंग बायलॉज में बदलाव किया गया था। इसीलिए भ्रष्टाचार की गई इमारत इतनी तेजी से इतनी ऊंची खड़ी हो गई। साल 2014 में हाईकोर्ट ने इसे अवैध घोषित किया था। इसे गिराने के भी आदेश दिए गए थे, लेकिन बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए अगस्त 2021 में ट्विन टॉवर को गिराने का आदेश दिया था।