Chief Justice of India: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) और जजों को रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली सुविधओं में इजाफा किया गया है। सरकार ने नियमों में बदलाव कर 23 अगस्त को नोटिफिकेशन जारी किया था। जिसके तहत अब उन्हें रिटायर्टमेंट के एक साल बाद तक एक सचिव और एक ड्राइवर मिलता है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रिटायरमेंट के 6 महीने बाद तक दिल्ली में टाइप 7 के बंगले में बिना किराया रह सकते हैं। ये बंगले टाइप 8 बंगलों से छोटे होते हैं। इनमें तीन सर्वेंट क्वार्टर होते हैं। ये 3036 स्क्वायर फीट के होते हैं। इसमें दो गैराज और लान के साथ एक ड्राइववे भी होता है।
चीफ जस्टिस को 24 घंटे सुरक्षा कवर मुहैया कराया जाता है। इसके साथ ही रिटायर होने के बाद 5 साल तक पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड भी रख सकते हैं। ये सुविधा सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज को भी मुहैया कराई जाती हैं। उन्हें घर के बाहर सुरक्षा तो मिलती ही है। पर्सनल गार्ड की सुरक्षा भी मिलती है। लेकिन यह सुविधा सिर्फ 3 साल के लिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जजों या मुख्य न्यायाधीश की सुरक्षा को उच्च स्तर की रखा जाता है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के जजों की सैलरी और सुविधाओं से जुड़े कानून 'सुप्रीम कोर्ट जजेस (सैलरीज एंड कंडीशंस ऑफ सर्विस) एक्ट 1958 की धारा 24 में केंद्र सरकार के पास यह शक्ति है कि वह जजों की सुविधाओं पर नियम बना सकती है। सरकार समय समय पर सुविधाओं की समीक्षा करती है। इसके साथ ही इसमें सुधार भी किया जाता है।
सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज और मुख्य न्यायाधीश को रिटायरमेंट के बाद एक घरेलू सहायक और ड्राइवर मिलता है। दोनों को एयरपोर्ट पर सेरेमोनियल लाउंज सुविधा दी जाती है। हालांकि मुख्य न्यायाधीश को हमेशा के लिए एक कार्यालय सहायक भी मिलता है। रिटायर्ड जज और मुख्य न्यायाधीश अपने लिए फ्री ऑफ कास्ट टेलीफोन इस्तेमाल कर सकते हैं। घर के टेलीफोन या मोबाइल फोन या ब्राडबैंड या डाटा कार्ड के लिए इस्तेमाल करने की सुविधा मिलती है। रिटायर होने वाले मुख्य न्यायाधीश को हर महीने 70,000 रुपये पेंशन मिलती है। वहीं रिटायर्ड जज को 39,000 रुपये पेंशन मिलती है।