Rafale Deal को लेकर जांच के लिए दाखिल की गई याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दिया। पिछले साल कोर्ट ने 14 दिसंबर को इस डील की आपराधिक जांच की मांग वाली अपील को खारिज कर दिया था, जिसके खिलाफ केंद्रीय मंत्रियों- यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी और एक्टिविस्ट लॉयर प्रशांत भूषण ने रिव्यू पीटिशन दाखिल किया था। कोर्ट ने इस पीटिशन की सुनवाई मई में करके इसपर फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने फिर इस डील में किसी जांच की जरूरत न होने के अपने फैसले को बरकरार रखा है।
इस पीटिशन पर फैसला चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच, जिसमें जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ भी थे, ने दिया है।
कोर्ट ने NDA सरकार में खरीदे गए 36 राफेल फाइटर जेट डील केस की जांच की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस केस में जांच की उठाने का कोई आधार नहीं है। कोर्ट ने अपने 14 दिसंबर, 2018 को दिए गए वर्डिक्ट में कहा था कि इस डील में नीतिगत फैसलों या ऑफसेट पार्टनर चुने जाने की प्रक्रिया पर जांच का कोई आधार नहीं है। कोर्ट ने कहा था कि इस केस में डील को लेकर FIR दर्ज कराने की कोई जरूरत नहीं दिखाई देती।