आंत्रप्रेन्योरशिप में दिलचस्पी दिखाने वाली 57 फीसदी महिलाओं की उम्र 26 से 35 साल के बीच है। 27 फीसदी महिलाओं की उम्र 36 से 45 साल के बीच है। एक सर्वे से यह जानकारी मिली है। ये महिलाएं शिक्षित हैं। 60 फीसदी के पास कम से कम ग्रेजुएट की डिग्री है। यह सर्वे Franchise India ने किया है। इस सर्वे से यह भी पता चला है कि हर 10 में से 3 महिला आंत्रप्रेन्योर बनना चाहती है। इस सर्वे में आंत्रप्रेन्योरशिप के लिए संभावित मौकों में लो कॉस्ट फ्रेंचाइज ऑप्शंस और नेशनल और इंटरनेशनल ब्रांड्स में ज्यादा दिलचस्पी के बारे में बताया गया है।
45 फीसदी महिला आंत्रप्रेन्योर विवाहित
सर्वे के नतीजों के मुताबिक, 45 फीसदी महिला आंत्रप्रेन्योर विवाहित हैं। वे बिजनेस से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियों के साथ परिवार से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियां भी निभाती हैं। इस सर्वे में देश के कई बड़े शहरों को शामिल किया गया। इनमें दिल्ली, गुरुग्राम, भोपाल, लुधियाना, लखनऊ, गुवाहाटी, बेंगलुरु, गोवा, जयपुर और पुणे शामिल थे। 500 महिलाओं के सैंपल से कई तरह के सवाल पूछे गए।
अपना बिजनेस शुरू करने के लिए कई विकल्प
Franchise India के चेयरमैन गौरव मार्या ने कहा, "फ्रेंचाइज इंडस्ट्री की इंडिया में बहुत अच्छी ग्रोथ है। इसमें महिला आंत्रप्रेन्योर बड़ी भूमिका निभा रही हैं। हम देख रहे हैं कि काफी संख्या में महिलाएं आत्मविश्वास के साथ अपना बिजनेस शुरू कर रही है। यह इकोनॉमी के लिए सकारात्मक संकेत है।" रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्केट में कई तरह के लो-कॉस्ट फ्रेंचाइज ऑप्शंस उपलब्ध हैं। अब बिजनेस शुरू करना पहले के मुकाबले आसान हो गया है। यह महिलाओं की पहुंच में आ रहा है।
सर्विसेज और रिटेल सेक्टर में ज्यादा दिलचस्पी
मार्या ने कहा, "मार्केट में कम कॉस्ट वाले फ्रेंचाइज ऑप्शंस उपलब्ध होने से महिलाएं बिजनेस शुरू करने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रही हैं। यह उन महिलाओं के लिए बड़ा मौका है, जो खुद अपना बॉस बनना चाहती हैं और बिजनेस की दुनिया में अपनी पहचान बना रही हैं।" इस सर्वे से यह भी पता चला है कि कई महिला आंत्रप्रेन्योर सर्विसेज और रिटेल सेक्टर पर फोकस कर रही हैं। इनमें एजुकेशन, ब्यूटी और हेल्थकेयर इंडस्ट्रीज सबसे पॉपुलर चॉइसेज हैं।
छोटे शहरों की महिलाएं भी चाहती हैं अपना बिजनेस
इस सर्वे से यह भी पता चला है कि अपना बिजनेस शुरू करने में न सिर्फ बड़े शहरों की महिलाएं दिलचस्पी दिखा रही हैं बल्कि टियर 1 और टियर 2 शहरों की महिलाएं भी इसमे दिलचस्पी दिखा रही हैं। मार्या ने कहा कि ये महिलाएं परंपरा की बेड़ियां तोडकर अपनी शर्तों पर अपना मुकाम बनाना चाहती हैं।