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बेंगलुरु में एक शख्स एक्सपायरी ओट्स खाकर पड़ा बीमार, कंपनी को देना पड़ा ₹10,000 का मुआवजा

बेंगलुरु निवासी परप्पा ने सुपरमार्केट जयानगर से जाकर कुछ आइटम्स खरीदी थीं। सभी चीजों के साथ एक 925 रुपए का ओट्स का पैकेट भी खरीदा था। इसे खाने के बाद परप्पा की तबीयत बिगड़ गई और वो बीमार पड़ गए। इसके बाद परप्पा ने ओट्स की एक्सपायरी डेट चेक की, तो पता चला कि कंपनी ने एक्सपायरी डेट को एक फ्रेश लेबल से छिपा रखा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 21, 2023 पर 2:13 PM
बेंगलुरु में एक शख्स एक्सपायरी ओट्स खाकर पड़ा बीमार, कंपनी को देना पड़ा ₹10,000 का मुआवजा
कंपनी का जुर्म साबित होने के बाद परप्पा को 925 रुपए के ओट्स के पैकेट पर 10000 रुपए का मुआवजा मिला

बेंगलुरु के रहने वाले एक 49 साल के आदमी ने एक सुपरमार्केट से 10,000 रुपए का मुआवजा हासिल किया है। दरअसल आदमी ने सुपरमार्केट से Oats खरीदे थे जो एक्सपायरी हो गए थे। इन्हें खाने के बाद उसे फूड पॉइजनिंग हो गए और वो बीमार पड़ गया। आदमी ने बीमार होने के बाद देखा कि सुपरमार्केट में तो अभी भी एक्सपायरी डेट के बाद ये oats बेचे जा रहे हैं। यहां तक की पैकेट्स पर नई तारीखें भी चिपका रखी हैं। इसके बाद आदमी ने कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और फैसला पक्ष में आया।

सुपरमार्केट ने लगाया चूना

रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला सितंबर 2021 का था जब परप्पा ने नामधारी सुपरमार्केट जयानगर से जाकर कुछ आइटम्स खरीदी थीं। सभी चीजों के साथ एक 925 रुपए का ओट्स का पैकेट भी खरीदा था। इसे खाने के बाद परप्पा की तबीयत बिगड़ गई और वो बीमार पड़ गए। इसके बाद परप्पा ने ओट्स की एक्सपायरी डेट चेक की तो पाया कि एक्सपायरी डेट को एक नए लेबल से ढंका गया है। उसके ऊपर एक फ्रेश लेबल लगा दिया गया है जिस पर दी गई डेट के मुताबिक ओट्स अभी भी कंजप्शन के लिए बिलकुल फ्रेश हैं।

कंपनी को भरना पड़ा हरजाना

परप्पा ने स्टोर के स्टाफ से कॉन्टेक्ट भी किया लेकिन पॉजिटिव रिस्पांस नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने सुपरमार्केट को एक लीगल नोटिस भेजा साथ ही बेंगलुरु कंज्यूमर डिपार्टमेंट में भी मामले को लेकर गए। परप्पा ने कंज्यूमर फोरम को एक्सपायरी डेट पर फ्रेश लेबल चिपकाने के भी सबूत भेजे। कंपनी का जुर्म साबित होने के बाद परप्पा को 925 रुपए के ओट्स के पैकेट पर 5000 रुपए का रिफंड दिया गया। इसके अलावा कोर्ट-कचहरी के चक्कर में खर्च किए गए अतिरिक्त 5000 रुपए भी कंपनी को ही भरने पड़े।

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