इस साल फेस्टिव सीजन के दौरान पिछले साल के मुकाबले विज्ञापनों पर ज्यादा पैसा खर्च होने वाला है। ICC ODI World Cup की वजह से ऐड के दाम 12-15 प्रतिशत तक बढ़ने वाले हैं। फेस्टिवल सीजन के दौरान लोग सबसे ज्यादा शॉपिंग करते हैं। ये FMCG और ऑटो सेक्टर का भी पैसा कमाने का सबसे बड़ा पीरियड होता है। वहीं इस सीजन ऐड पर पैसे लगाना पिछले साल के मुकाबले काफी महंगा होने वाला है।
क्रिकेट की वजह से महंगा विज्ञापन
डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी AdLift के को-फाउंडर प्रशांत पुरी का कहना है कि फेस्टिव सीजन का मजा इस साल क्रिकेट वर्ल्ड कप की वजह से दोगुना होने वाला है। ऐसे में ऐड्स पर लगाया जाने वाला पैसा 15 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। ऐड एजेंसी Tikshark Solutions के फाउंडर अर्चित अग्रवाल का कहना है कि इस साल का फेस्टिव पीरियड खास स्पोर्टिंग इवेंट के साथ आ रहा है जो कि कंज्यूमर्स पर टारगेट करना का सबसे सही समय रहेगा। स्पोर्ट्स इस फेस्टिव सीजन में लोगों को ऐड की तरफ सबसे ज्यादा आकर्षित करेगा। ऐसे में ऐड्स पर जमकर पैसा लगाया जाएगा।
2023 के सेकंड हाफ में क्रिकेट वर्ल्ड कप की वजह से ऐड पर लगने वाले पैसे में 4 प्रतिशत तक का उछाल आएगा। वहीं फेस्टिव पीरियड में ये बढ़कर 10-12 प्रतिशत तक हो जाएगा। Elara Capital के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट करण तौरानी के मुताबिक क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान लगभग 1000 करोड़ रुपए ऐड में इनवेस्ट किए जाएंगे। हम इस साल फेस्टिव सीजन में ऐड पर लगाए जाने वाले पैसे में 8-9 प्रतिशत के इजाफे की उम्मीद कर रहे हैं।
फेस्टिव सीजन के दौरान बैक टू बैक क्रिकेट टूर्नामेंट हैं। पहले एशिया कप और फिर ODI वर्ल्ड कप। ब्रांड्स खुद को प्रमोट करने के लिए पैसा लगाने से नहीं हिचकिचाएंगी। साल में ऐड पर लगाए जाने वाले पैसे का 40-45 प्रतिशत अकेला फेस्टिवल सीजन में लगाया जाता है। इस साल 30-40,000 करोड़ रुपए का ऐड स्पेंड होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
गेमिंग प्लेटफॉर्म्स ने पीछे किए कदम
ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स अपने मार्केटिंग स्पेंड को कम करने जा रहे हैं। बिजनेस में आए GST से जुड़े बदलाव के बाद ऐड स्पेंड का रेट 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। कुछ गेमिंग फर्म्स ने दुकानें बंद कर दी हैं तो कुछ ने एंप्लॉयीज के नंबर को घटा दिया है। सबसे ज्यादा विज्ञापन पर पैसा डिजिटल और टीवी पर लगाया जाएगा। वहीं इस बार टीवी से ज्यादा ऐड पर पैसा डिजिटल पर लगेगा। कंज्यूमर्स का तेजी से डिजिटल पर शिफ्ट इस बड़े बदलाव का कारण है। इस साल डिजिटल का ऐड शेयर बढ़कर 56 प्रतिशत होने वाला है। 60-70 प्रतिशत स्पोर्ट्स अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ही देखा जाता है।
पिछले साल से डिजिटल पर बढ़ा भरोसा
FICCI-EY 2023 मीडिया और एंटरटेनमेंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2022 में डिजिटल का शेयर टोटल एडवर्टाइजिंग रेवे्न्यू 1,04,900 करोड़ रुपए में से 49,900 करोड़ रुपए यानी लगभग 47.5 प्रतिशत था। वहीं टीवी का शेयर सिर्फ 30 प्रतिशत यानी 31,800 करोड़ रुपए था।