राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार शाम को सीवर में फंसे चार लोगों को तमाम कोशिशों के बावजूद नहीं बचाया जा सका। दिल्ली के रोहिणी के सेक्टर-16 में स्थित एक सीवर लाइन में गिरने से तीन मजदूरों और एक रिक्शा चालक की मौत हो गई। उत्तर-पश्चिम दिल्ली के संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में मंगलवार को एमटीएनएल (MTNL) के तीन कर्मचारी सीवर में गिर गए और उन्हें बचाने की कोशिश के दौरान एक रिक्शा चालक भी सीवर के अंदर फंस गया।
पुलिस ने बताया कि चारों की मौत हो गई है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने बुधवार तड़के उनके शव बरामद किए। अधिकारियों ने बताया कि सीवर में वायर का काम करने गए MTNL के 3 कर्मचारियों समेत 4 लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों में एक रिक्शा ड्राइवर भी शामिल है, जो इन तीनों MTNL कर्मचारियों को बचाने के लिए सीवर में उतरा था, लेकिन सीवर की जहरीली गैस की चपेट में आने से उसकी भी मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि सबसे पहले सीवर में गिरे तीन लोग निजी अनुबंधित कर्मचारी हैं, जो घटना के वक्त एमटीएनएल की लाइन पर काम कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, समयपुर बादली थाने को शाम करीब साढ़े छह बजे (6:30) घटना की सूचना मिली। पुलिस दल तत्काल मौके पर पहुंचा और इलाके की घेराबंदी कर दी। दमकल विभाग के अधिकारी और एनडीआरएफ का एक दल भी बचाव कार्य में जुटा हुआ है।
पुलिस ने बताया कि मृतक कर्मचारियों की पहचान बच्चू सिंह, पिंटू और सूरज कुमार साहनी के रूप में की गई है, जबकि रिक्शा चालक की पहचान रोहिणी के सेक्टर-16 स्थित सदर कॉलोनी निवासी सतीश (38) के तौर पर की गई है। उन्होंने बताया कि सीवर में लोहे का जाल है और यह एमटीएनएल की लाइन के नीचे है। ऐसा संदेह है कि चारों लोग वहीं फंस गए होंगे।
सीवर में जहरीली गैस होने के कारण सुरक्षात्मक उपकरणों के साथ भी अंदर जाना मुश्किल है। इन लोगों को बचाने के लिए सीवर को चौड़ा करने के वास्ते मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस ने जेसीबी मशीन से सीवर को चौड़ा कर तोड़ा और उसके अंदर लोहे के जाल के ऊपर पुलिस को चारों लोगों के शव बरामद हुए। ये जाल सीवर में एमटीएनएल के तारों को अलग करने के लिए लगाया गया है।