डिजिटल मामलों में महारथ रखने वाली और ऐप-फर्स्ट पीढ़ी Gen Z खपत के ट्रेंड्स में बड़े बदलाव लाने के लिए तैयार है। यह भारत के उपभोक्ता बाजारों में महत्वपूर्ण जगह बना रही है। बर्नस्टीन की 'इंडिया इंटरनेट' पर एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। वर्ष 1995 से 2010 के बीच जन्मे लोगों को Gen Z में शामिल किया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, विभिन्न ब्रांड इस पीढ़ी के साथ गहरा संबंध बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यह पीढ़ी सोशल मीडिया से लेकर टैक्सी लेने और खाना मंगाने तक के लिए मोबाइल का सहारा लेती है।
