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Gen Z बदल सकते हैं कंजंप्शन ट्रेंड्स की तस्वीर, बड़े बदलाव लाने के लिए तैयार: बर्नस्टीन

Gen Z के व्यवहार ने इंटरनेट इस्तेमाल के मामलों को बढ़ाने में मदद की है, जिससे ऐप इकोसिस्टम में मंथली या डेली एक्टिव यूजर्स की वृद्धि हुई है। भारत की कुल खपत में इस जनरेशन की लगभग 17 प्रतिशत हिस्सेदारी है और इसमें वृद्धि की काफी गुंजाइश है। Gen Zs उन कैटेगरीज को पसंद करते हैं जो ऐप-फर्स्ट डिजिटली-नेटिव हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 08, 2024 पर 4:06 PM
Gen Z बदल सकते हैं कंजंप्शन ट्रेंड्स की तस्वीर, बड़े बदलाव लाने के लिए तैयार: बर्नस्टीन
रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडियन Gen Zs की तादाद दुनिया में सबसे ज्यादा है।

डिजिटल मामलों में महारथ रखने वाली और ऐप-फर्स्ट पीढ़ी Gen Z खपत के ट्रेंड्स में बड़े बदलाव लाने के लिए तैयार है। यह भारत के उपभोक्ता बाजारों में महत्वपूर्ण जगह बना रही है। बर्नस्टीन की 'इंडिया इंटरनेट' पर एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। वर्ष 1995 से 2010 के बीच जन्मे लोगों को Gen Z में शामिल किया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, विभिन्न ब्रांड इस पीढ़ी के साथ गहरा संबंध बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यह पीढ़ी सोशल मीडिया से लेकर टैक्सी लेने और खाना मंगाने तक के लिए मोबाइल का सहारा लेती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडियन Gen Zs की तादाद दुनिया में सबसे ज्यादा है। यह खरीदारी, काम, खाना मंगाना सब ऑनलाइन ही करती है। भारतीय जनरेशन जेड, दुनिया की कुल आबादी का 20 प्रतिशत और भारत की आबादी का लगभग 27 प्रतिशत हिस्सा है। भारत की कुल खपत में इस जनरेशन की लगभग 17 प्रतिशत हिस्सेदारी है और इसमें वृद्धि की काफी गुंजाइश है।

नए जमाने के ब्रांड्स को करते हैं पसंद

रिपोर्ट में कहा गया है कि खपत के ट्रेंड्स में बड़े बदलाव दिख रहे हैं, जिसमें Gen Zs का वर्चस्व है। जैसे कि शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट (इंस्टाग्राम, यूट्यूब शॉर्ट्स) का विस्तार... क्विक कॉमर्स डिलीवरी यानि कि 15-20 मिनट में डिलीवरी (ब्लिंकइट, जेप्टो) को प्राथमिकता, D2C ब्रांड्स का उदय, फूड डिलीवरी ऐप्स (जामैटो, स्विगी) के माध्यम से नई फूड चॉइसेज की खोज। इससे ब्रांड्स ने Gen Zs के साथ गहरे संबंध बनाए हैं।

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