केरल में पेड़ काटने से सैकड़ों पक्षियों की दर्दनाक मौत, घोंसलों को किया गया नष्ट

IFS Parveen Kaswan के ट्विटर अकाउंट से जारी 44 सेकेंड के इस वीडियो को 15,000 से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है और इस वीडियो ने प्रकृति प्रेमियों और पर्यावरणविदों को नाराज कर दिया है। इस वीडियो में पेड़ को लापरवाही से नीचे गिराते हुए दिखाया गया है और पेड़ के गिरने से उस पर मौजूद ज्यादातर पक्षियों की मौत हो गई

अपडेटेड Sep 03, 2022 पर 12:28 PM
केरल के मलप्पुरम जिले में National Highway को चौड़ा करने के लिए आदमियों द्वारा पेड़ काटने के बाद सैकड़ों पक्षियों की मौत हो गई और पक्षियों के अंडे और घोंसले भी नष्ट हो गये

एक दुखद और हृदयविदारक घटना में केरल के मलप्पुरम जिले (Kerala's Malappuram district) में राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) को चौड़ा करने के लिए आदमियों द्वारा पेड़ काटने के बाद सैकड़ों पक्षियों की मौत हो गई। पक्षियों के अंडे और घोंसले नष्ट हो गए। इससे संबंधित एक दर्दनाक वीडियो भारतीय वन सेवा (Indian Forest Service (IFS) अधिकारी परवीन कासवान (Parveen Kaswan) द्वारा साझा किया गया था।

Kaswan ने twitter लिखा है, "हर किसी को एक घर चाहिए। हम कितने क्रूर हो सकते हैं। अज्ञात लोकेशन"।

Kaswan के ट्विटर अकाउंट से 44 सेकेंड के इस वीडियो को 15,000 से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है। वीडियो ने नेटिजन्स के साथ-साथ पर्यावरणविदों को भी नाराज कर दिया है। वीडियो में पेड़ को लापरवाही से नीचे गिराया गया। इस दौरान कुछ पक्षी उड़ गए लेकिन पेड़ के गिरने से उनमें से ज्यादातर पक्षियों की मौत हो गई।


पीटीआई के मुताबिक ये घटना जिले के रंदाथानी (Randathani) इलाके की है। पेड़ की कटाई के परिणामस्वरूप कई पक्षियों की मौत हो गई। इसका वीडियो गुरुवार से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसके बाद राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री पी ए मोहम्मद रियास (PWD minister P A Mohammed Riyas) ने एनएचएआई (NHAI) से रिपोर्ट तलब की है। अगस्त के पहले सप्ताह में शूट किये गये वीडियो में एक एक्सकेवेटर का उपयोग करके एक विशाल पेड़ को काटते हुए दिखाया गया है।

पेड़ के गिरते ही पेड़ से कई पक्षी जमीन पर गिरते देखे गए। उनमें से कई पक्षियों के बच्चे यानी कि चूजे थे। मंत्री के कार्यालय ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से रिपोर्ट मांगी गई है।

एक वन्यजीव फोटोग्राफर और प्रकृति प्रेमी प्रवीण मुरलीधरन (Praveen Muraleedharan, a wildlife photographer and nature enthusiast) ने कहा, "इस तरह की तथाकथित विकास गतिविधियों में शामिल होने से पहले इन पक्षियों का उचित पुनर्वास किया जाना चाहिए था। कम से कम वे तब तक इंतजार कर सकते थे जब तक कि पक्षियों के बच्चे उड़ने में सक्षम नहीं हो जाते। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।"

इस संबंध में एडवन्ना वन रेंज अधिकारी (Edavanna forest range officer) ने एक्सकेवेटर और उसके ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। सेव वेटलैंड्स इंटरनेशनल मूवमेंट के सीईओ थॉमस लॉरेंस ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Union Road Transport and Highways minister Nithin Gadkari) को एक शिकायत भेजी थी। लॉरेंस ने अपनी शिकायत में कहा, "कई पक्षी और उनके बच्चे विस्थापित हो गए जो वास्तव में दिल दहला देने वाला है। साल का यह समय पक्षियों के घोंसले में रहने का समय होता है। पेड़ गिराने वाले कुछ और हफ्तों तक इंतजार कर सकते थे। जब तक कि पक्षियों के बच्चे उड़ने में सक्षम नहीं हो जाते।"

उन्होंने कहा कि गडकरी के कार्यालय ने इस संबंध में भेजी गई शिकायत पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

 

 

 

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