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पति ने पत्नी से बिना पूछे गहने रख दिए गिरवी, केरल हाई कोर्ट ने सुना दी सजा

High Court of Kerala: अगर पति अपनी पत्नी की सहमति के बगैर उसका सोना-चांदी या कोई गहने गिरवी रखता है तो इसे अपराध की श्रेणी में माना जाएगा। केरल हाई कोर्ट के जज ए बदरुद्दीन की एकल पीठ ने इसे आईपीसी की धारा 406 के तहत आपराधिक और विश्वासघात बताया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 24, 2024 पर 3:17 PM
पति ने पत्नी से बिना पूछे गहने रख दिए गिरवी, केरल हाई कोर्ट ने सुना दी सजा
High Court of Kerala: पत्नी का आरोप है बिना मेरी सहमति के गहने गिरवी रख दिए गए हैं।

पत्नी के गहनों के मामले में केरल हाई कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की बिना सहमति के उसके गहने गिरवी रख दिए थे। जिसे हाई कोर्ट ने अपराध की श्रेणी में मानते हुए पति को दोषी करार दिया है। केरल हाई कोर्ट के जज ए बदरुद्दीन की एकल पीठ ने इसे आईपीसी की धारा 406 के तहत आपराधिक और विश्वासघात बताया है। केरल हाईकोर्ट का यह फैसला एक व्यक्ति द्वारा याचिका दायर करने के बाद आया है। इस याचिका में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई थी।

दरअसल, महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति ने बैंक लॉकर में गहने लिए थे। लेकिन पति ने बैंक लॉकर में गहने रखने के बजाय गिरवी रख दिया है। महिला का कहना है कि ये सभी गहने उसकी शादी में उसकी मां ने बतौर उपहार दिए थे।

ट्रायल कोर्ट की सजा को हाई कोर्ट ने रखा बरकरार

बिना सहमित के गहने गिरवी रखने पर महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद यह मामला कोर्ट में पहुंचा। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 6 महीने की जेल और 5 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। इस फैसले को पति ने हाई कोर्ट में चुनौती दी। केरल हाई कोर्ट ने कहा कि पति ने बेईमानी से पत्नी के गहने लिए हैं। जिस पर पति ने पत्नी के साथ विश्वासघात किया है। इससे पत्नी को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में केरल हाई कोर्ट ने पति को राहत देने से मना कर दिया और निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।

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