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Maha Kumbh 2025: महाकुंभ एरिया में नो-व्हीकल, नो-वीआईपी जोन, मौनी अमावस्या पर योगी सरकार ने की बड़ी तैयारी

Prayagraj Mahakumbh 2025: महाकुंभ मेले में मौनी अमास्या के दिन शाही स्नान होगा। इस बार के शाही स्नान में काफी ज्यादा भीड़ बढ़ सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है। महाकुंभ एरिया में वीआईपी वाहनों की रोक दी है। साथ वीआईपी जोन भी खत्म कर दिए हैं। सभी वाहनों को पार्किंग स्थल पर लगाना होगा। कोई वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं होगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 24, 2025 पर 10:47 AM
Maha Kumbh 2025: महाकुंभ एरिया में नो-व्हीकल, नो-वीआईपी जोन, मौनी अमावस्या पर योगी सरकार ने की बड़ी तैयारी
Prayagraj Mahakumbh 2025: मेले के अंदर सिर्फ पास वाले वाहन ही बसंत पंचमी तक जा सकेंगे। बाकी सभी वाहनों पर रोक लगा दी गई है।

हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या बहुत ही खास मानी जाती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, भगवान विष्णु की पूजा और पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध तथा पिंडदान भी किया जाता है। मौनी अमावस्या के दिन ही महाकुंभ मेल में शाही स्नान होता है। इस बार के शाही स्नान में बढ़ती भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन ने बड़ी तैयारी की है। प्रशासन ने महाकुंभ मेले में वीआईपी जोन खत्म कर दिया है। इसके साथ ही वीआईपी वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी है। अब वाहनों को सिर्फ पार्किंग स्थल पर ही पार्क करने की अनुमति दी गई है। कोई भी वाहन पार्किंग स्थल से आगे नहीं जा सकेंगे।

शाही स्नान के मौके पर प्रशासन ने सुरक्षा के लिए भगदड़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए बड़ी तैयारी की है। महाकुंभ मेले में कोई भी वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं होगा। भक्तों समेत किसी को भी नया पास नहीं दिया जाएगा। जिन वाहनों को पहले से पास मिला हुआ है। सिर्फ वही वाहन महाकुंभ मेले परिसर तक जा सकेंगे। बता दें कि आमतौर पर पास मेले के कामकाज से जुड़े वाहनों को ही मिलता है।

पीपे के पुल पर होगा वन-वे ट्रैफिक

महाकुंभ मेले पर श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए पीपे के पुल बनाए गए हैँ। मेला प्रशासन का कहना है कि मौनी अमावस्या के दिन ज्यादा भीड़ होने पर पीपे के पुलों को वन-वे ट्रैफिक घोषित किया जा सकता है। जरूर पड़ने पर इन्हें बंद भी किया जा सकता है। वहीं अखाड़ों के संतों को भी जो स्लॉट दिया गया है। उसी समय उनकी आवाजाही होगी। मेला प्रशासन से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि हमने क्षेत्रीय स्तर पर तैयारी की है। जो जिस तरफ से आ रहे हैं। उन्हें उसी तरफ के घाट में स्नान करने की सुविधा मुहैया कराई है। ताकि मेले में बेवजह भीड़ न बढ़े। अधिकारी ने बताया कि अरैल की तरफ से आने वालों को अरैल घाट पर स्नान करना चाहिए। वहीं झूसी की तरफ से आने वालों को झूसी घाट पर स्नान करना चाहिए।

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