खेल मंत्रालय ने जूनियर एथलीटों के लिए नकद पुरस्कार समाप्त करने का फैसला लिया है, जो 1 फरवरी से प्रभावी हो चुका है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य डोपिंग और उम्र में फर्जीवाड़े (एज फ्रॉड) जैसी समस्याओं पर रोक लगाना और जूनियर स्तर की प्रतियोगिताओं को विकासात्मक इवेंट के रूप में बढ़ावा देना है, ताकि युवा खिलाड़ी सीनियर स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें। पहले जूनियर एथलीटों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने पर लाखों रुपये का नकद पुरस्कार मिलता था, जिससे कई खिलाड़ी और कोच गलत तरीकों का सहारा लेते थे। नए नियम के तहत, अब जूनियर चैंपियनशिप में पदक जीतने पर कोई नकद इनाम नहीं मिलेगा।
