UP News: उत्तर प्रदेश के बलिया से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शहर में नगर पालिका में बतौर संविदा में तैनात शुभम रैकवार ने घर पर फांसी लगातर आत्महत्या कर लिया है। बताया जा रहा है कि शुभम को पिछले 6-7 महीनो से सैलरी नहीं मिली थी। जिससे वो काफी टेंशन में था। इधर एक दिन अचानक नौकरी से बाहर किए जाने पर वह टूट गया और घर ही फांसी के फंदे में झूल गया। बताया जा रहा है कि शुभम अपने घर में कमाने वाला अकेला था। बूढ़े मां-बाप की बुढ़ापे की लाठी छिन गई है।
बलिया नगर पालिका में शुभम बतौर संविदा में तैनात शुभम को नौकरी जाने का सबसे ज्यादा डर सता रहा था। इस पर शुभम के पिता से हौंसला भी बढ़ा रहे थे। वो बार-बार कहते थे। अभी तुम्हारे पिता जीवित हैं, तुम्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। लेकिन शुभम की नौकरी जाने के बाद उसने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
नगरा पालिका के कामकाज पर उठे सवाल
वहीं नगर पालिका के कामकाज में कई सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोग कर रहा है कि यह नरक का द्वार है। यहां जो कोई नौकरी करने आता है। वो नरक में फंसने के बराबर है। संविदा कर्मियों को बिना सूचना दिए नौकरी से निकाल दिया जाता है। कई महीने तक उनकी सैलरी नहीं दी जाती है। नगर पालिका में काम कर चुके एक शख्स ने कहा कि मैंने भी नगर पालिका में सफाई का काम किया है। मेरी भी सैलरी नही दी गई। एक दिन नौकरी से भी निकाल दिया गया। अभी तक मेरी नौकरी की सैलरी नहीं दी गई है। मेरे काम करने का कोई रिकॉर्ड ही नहीं रखा गया है। सैलरी का कोई अता पता नहीं है। मैंने तो नौकरी छोड़ दी थी।
बता दें कि बलिया के शहर कोतवाली के महावीर घाट के शुभम रौनियार नगर पालिका में संविदा पर पंप ऑपरेटर की नौकरी करते थे। अपने बूढ़े-मां-बाप के बुढ़ापे की लाठी भी नहीं बन सका।