Uttarkashi Tunnel Rescue: दिवाली के मौके पर जब पूरा देश रोशनी में नहाया हुआ था। उस समय देश के 41 मजदूर एक अंधेरी सुरंग में कैद हो गए थे। ये मजदूर चार धाम के लिए नया रास्ता बना रहे थे। उत्तरकाशी की सिल्क्यारा-डंडालगांव टनल का एक हिस्सा अचानक ढह गया। इसके बाद सभी मजदूर बाहरी दुनिया से कट गए। फिर मजदूरों को बचाने की कड़ी मशक्कत शुरू हो गई। समय लगा, लेकिन सफलता जरूर मिली। 28 नवंबर की शाम तक सभी मजदूर सुरंग से बाहर आ गए इस मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी मजदूरों से फोन पर बात की। उनका हालचाल जाना।
बता दें कि 12 नवंबर की सुबह 5.30 से 28 नवंबर की शाम 8.35 बजे तक यानी 17 दिन, करीब 399 घंटे बाद पहला मजदूर शाम 7.50 बजे बाहर निकाला गया। 45 मिनट बाद रात 8.35 बजे सभी को बाहर निकाल लिया गया। मजदूर खुद ही क्रॉल करके (घुटनों के बल) बाहर आए। सभी को एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सभी मजदूरों को माला पहनाकर उनका स्वागत किया।
पीएम मोदी ने मजदूरों से की बातचीत
जब सभी 41 मजदूर सुरंग से बाहर आए थे, तब पीएम मोदी ने उनके लिए एक्स पर लिखा था। उन्होंने कहा कि श्रमिक भाइयों के रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता हर किसी को भावुक कर देने वाली है। पीएम ने कहा कि टनल में जो साथी फंसे हुए थे उनसे मैं कहना चाहता हूं कि आपका साहस और धैर्य हर किसी को प्रेरित कर रहा है. मैं आप सभी की कुशलता और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। मजदूरों के बाहर निकलने के बाद सभी लोगों से पीएम मोदी ने फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने कहा कि इस अभियान में जुटे सभी लोगों के जज्बे को सलाम करता हूं।
केंद्रीय गृहमंत्री ने दी बधाई
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मजदूरों के बाहर निकलने पर बधी दी। उन्होंने एक्स पर लिखा कि देश के लिए यह बड़ी खुशखबरी है कि उत्तरकाशी में एक सुरंग में फंसे हमारे सभी 41 श्रमिक भाइयों को सुरक्षित और और सकुशल बचा लिया गया है। राष्ट्र सुरंग में इतने लंबे समय तक ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करने के उनके साहस को सलाम करता है। उन सभी लोगों और और एजेंसियों को मेरा हार्दिक आभार जिन्होंने हमारे साथी नागरिकों की जान बचाने की कोशिश की है।