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नकली कोर्टरूम में ठगों ने CJI बनकर की फर्जी सुनवाई, Vardhman Group के चेयरमैन से लूट लिए 7 करोड़ रुपये

वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर एस पी ओसवाल ने बताया कि जालसाजों ने उन्हें एक नकली वर्चुअल कोर्टरूम और फर्जी डॉक्यूमेंट्स दिखाए और उनमें से एक शख्स ने भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ होने का दावा किया। इसके बाद जालसाजों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर 7 करोड़ रुपये ठग लिए

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 01, 2024 पर 7:24 PM
नकली कोर्टरूम में ठगों ने CJI बनकर की फर्जी सुनवाई, Vardhman Group के चेयरमैन से लूट लिए 7 करोड़ रुपये
जालसाजों के एक गिरोह ने वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर एस पी ओसवाल से 7 करोड़ रुपये ठग लिए।

CBI अधिकारी बनकर साइबर जालसाजों के एक गिरोह ने वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर एस पी ओसवाल से 7 करोड़ रुपये ठग लिए। ओसवाल पद्म भूषण पुरस्कार विजेता और कपड़ा उद्योगपति हैं। ओसवाल ने NDTV के साथ इस ठगी की पूरी कहानी साझा की है। उन्होंने बताया कि जालसाजों ने उन्हें एक नकली वर्चुअल कोर्टरूम और फर्जी डॉक्यूमेंट्स दिखाए और उनमें से एक शख्स ने भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ होने का दावा किया। इसके बाद जालसाजों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर 7 करोड़ रुपये ठग लिए। रिपोर्ट के अनुसार, लुधियाना के पुलिस आयुक्त कुलदीप सिंह चहल ने कहा कि इस मामले में दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से 5.25 करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं।

ओसवाल को पहला कॉल कब आया?

ओसवाल ने बताया कि उन्हें 28 सितंबर को एक फोन आया। उन्होंने कहा, "मुझे बताया गया कि अगर मैंने '9' बटन नहीं दबाया तो मेरा फोन बंद हो जाएगा। मैंने '9' दबाया और दूसरी तरफ से एक आवाज आई कि वह CBI के कोलाबा ऑफिस से कॉल कर रहा है। उसने मेरे नाम से एक मोबाइल फोन नंबर बताया और कहा कि किसी ने मुझे गलत तरीके से पेश करके कनेक्शन ले लिया है।" ओसवाल के अनुसार, कॉल करने वाले ने उनसे उनके केनरा बैंक अकाउंट के बारे में पूछा। जब ओसवाल ने कहा कि उनके पास कोई केनरा बैंक अकाउंट नहीं है, तो कॉल करने वाले ने कहा कि उस अकाउंट में कुछ वित्तीय गड़बड़ियां पाई गई है।

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