Covid 19: कोरोना वायरस का डर एक बार फिर देश में पांव फैला रहा है। ज्यादातर कंपनियां एक बार फिर वर्क फ्रॉम होम (WFH) कल्चर को अपनाने पर विचार कर रही हैं। हॉस्पिटैलिटी, ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और रियल एस्टेट सेक्टर भी वर्क फ्रॉम होम मोड पर विचार कर रहे हैं। इन सेक्टर्स के मुताबिक अगर चौथी वेव आती है तो वह वर्क फ्रॉम होम मोड पर काम करेंगे।
COVID-19 की खबरें तब आ रही है जब नई नियुक्तियां पहले से ही स्लोडाउन के कारण कम हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टूरिज्म औरे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े लोग पहले से ज्यादा सजग हो गए हैं। हालांकि, मैन्युफैक्चरिंग और कन्ज्यूमर सेक्टर में हायरिंग नहीं रूकी है।
स्लोडाउन के कारण हायरिंग हुई कम
अमेरिका और यूरोपीय देशों में स्लोडाउन की खबरों ने हाल फिलहाल में हायरिंग पर असर डाला है।हायरिंग बीते साल जैसी नहीं हो रही है। हालांकि, भारत में हालात काफी बेहतर हैं। कोविड के नए वेरिएंट और चीन में कोरोना के नए मामले आने से भारत में भी हॉस्पिटैलिटी, ऑटोमोबिल, कमर्शियल, ऑफिस रियल एस्टेट, ट्रैवल और ट्रांसपोर्ट हाई अलर्ट पर आ गए हैं।
मोदी सरकार ने भी लिया हालात का जाएजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने चीन (China) और अमेरिका (USA) सहित दुनिया के कई देशों में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के बढ़ते मामलों के मद्देनजर बृहस्पतिवार को एक उच्च स्तरीय बैठक (High leve Meeting) की और देश में Covid-19 की ताजा स्थिति की समीक्षा भी की। मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी अभी खत्म नहीं हुई है।
22 दिसंबर, 2022 को खत्म हुए हफ्ते में भारत में मामलों में लगातार गिरावट देखी जा रही है और औसत डेली केस घटकर 153 और वीकली संक्रमण की दर घटकर 0.14 प्रतिशत हो गई है। हालांकि, पिछले 6 हफ्तों से वैश्विक स्तर पर 5.9 लाख दैनिक औसत मामले दर्ज किए गए हैं।