Moneycontrol » समाचार » निवेश

डेट और इक्विटी का सही रेश्यो, बनाएगा पोर्टफोलियो को दुरुस्त

एसेट एलोकेशन किया कैसे जाए और किस तरह के निवेशक को किस तरह का एसेट एलोकेश्न करना चाहिए।
अपडेटेड Jun 21, 2019 पर 12:08  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

एसेट एलोकेशन मुनाफे की सही सीढ़ी है। लेकिन एसेट एलोकेशन किया कैसे जाए, और किस तरह के निवेशक को किस तरह का एसेट एलोकेश्न करना चाहिए, ये अकसर निवेशक नहीं जान पाते हैं। साथ ही आपने सुना होगा की उम्र के मुताबिक आपको अपने निवेश पोर्टफोलियो या एसेट एलोकेश्न में बदलाव करना चाहिए ताकि आपका मुनाफा सुरक्षित रहे, योर मनी मनी आज इन्ही बारीकियों पर फोकस करेगा जिसमें हमारा साथ देने के लिए मौजूद है बजाज कैपिटल के इंवेस्टमेंट एडवाइजरी के हेड और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट आलोक अग्रवाल।


सवालः UTI Credit Risk में 25 लाख रुपये निवेश कर रहे है। फंड में निवेश जारी रखें?


आलोक अग्रवालः पिछले कुछ दिनों से डेट मार्केट में खराब प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। इसका कारण मल्टी क्रेडिट रेटिंग और डिफॉल्टर्स बने है। लिहाजा कॉरपोरेट बॉन्ड सेंगमेंट पर फोकस करें। AAA रेटेड बॉन्ड में 80 फीसदी से ज्यादा निवेश करें। साथ ही UTI कॉरपोरेट बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं। फंड से निकलने पर STCG लगेगा।


सवालः मेरी उम्र 31 साल है और मासिक आय 31000 रुपये। बेटे की पढ़ाई के लिए 12 साल में 25 लाख रुपये और बेटी की पढ़ाई के लिए 14 साल बाद 25 लाख रुपये की जरूरत है। साथ ही दोनों बच्चों की शादी के लिए 18-20 साल बाद 80 लाख रुपये जुटाने की योजना है जिसके लिए मैने Axis Bluechip में 2,500 रुपये, Kotak Standard Multicap में 5,000 रुपये, Motilal Oswal Multicap में 2,500 रुपये, HDFC Mid-cap Opp में 2,500 रुपये और SBI Smallcap में 2,500 रुपये निवेश कर रहा है। साथ ही 30 साल बाद रिटायरमेंट के 3 करोड़ रुपये चाहिए। सुकन्या योजना, ICICI Pru Short Term, PPF पोर्टफोलियो पर नजर डालें क्या सालाना SIP बढ़ाने की जरूरत है? डेट फंड में निवेश जारी रखें। डेट और इक्विटी में कितना निवेश रखें।


आलोक अग्रवालः पोर्टफोलियो में निवेश जारी रखें। लंबे समय के लिए इक्विटी में निवेश करें। 100 फीसदी इक्विटी एक्सपोजर ठीक है। आपको 12 फीसदी CAGR के साथ SIP बढ़ाने की जरूरत है। आपकी मौजूदा SIP 15,000 रुपये है ऐसे में लक्ष्य पूरा करने के लिए 100 फीसदी राशि बढ़ानी होगी। SSY, FD, PPF में निवेश जारी रखें और ICICI Pru. Short Term में निवेश जारी रखें। ज्यादा रिटर्न के लिए इक्विटी में निवेश करें और पोर्टफोलियो में इक्विटी का हिस्सा बढ़ाएं। इक्विटी से डेट में निवेश कर सकते हैं। इक्विटी में उतार-चढ़ाव से कॉर्पस पर असर नहीं होता।