Aeroflex Industries IPO : एयरोफ्लेक्स इंडस्ट्रीज के शेयरों की लिस्टिंग कल यानी 31 अगस्त को स्टॉक एक्सचेंजों NSE और BSE पर होने वाली है। 351 करोड़ रुपये के इस आईपीओ को निवेशकों की शानदार प्रतिक्रिया मिली और यह 97.07 सब्सक्राइब हुआ है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि एयरोफ्लेक्स आईपीओ को 27 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जो 2023 में आईपीओ में प्राप्त आवेदनों की सबसे अधिक संख्या है।
कंपनी ने सफल निवेशकों को शेयरों का अलॉटमेंट कर दिया है और अब यह लिस्टिंग के लिए तैयार है। इस बीच ग्रे मार्केट में इस आईपीओ के शेयरों की जबरदस्त डिमांड है। कंपनी ने कहा कि एयरोफ्लेक्स इंडस्ट्रीज और उसके कॉर्पोरेट प्रमोटर, सैट इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मिलकर एयरोफ्लेक्स के प्री-आईपीओ और आईपीओ के माध्यम से 427 करोड़ रुपये (लगभग 52 मिलियन डॉलर) जुटाए हैं। प्री-आईपीओ राउंड में लगभग 76 करोड़ रुपये जुटाए गए और आईपीओ के जरिए 351 करोड़ रुपये जुटाए गए।
ग्रे मार्केट में क्या है अपडेट
ग्रे मार्केट में एयरोफ्लेक्स इंडस्ट्रीज की लिस्टिंग को लेकर पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं। यह इश्यू लिस्टिंग के एक दिन पहले 69 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। इसके लिए 102-108 रुपये का प्राइस बैंड तय किया गया था। इस हिसाब से कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 177 रुपये के भाव पर हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो निवेशकों को करीब 64 फीसदी का बंपर मुनाफा होगा।
सब्सक्रिप्शन से जुड़ी डिटेल
इस आईपीओ को निवेशकों की शानदार प्रतिक्रिया मिली और यह कुल 97.07 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसके तहत क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 194.73 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का हिस्सा 126.10 गुना और रिटेल इन्वेस्टर्स का हिस्सा 34.35 गुना सब्सक्राइब हुआ है।
Aeroflex Industries के बारे में
ऐरोफ्लेक्स (पूर्व नाम सुयोग इंटरमीडिएट्स) ब्रेडेड होज, अनब्रेडेड होज, सोलर होज, गैस होज, वैक्यूम होज, ब्रेडिंग, इंटरलॉक होज, होज असेंबली, लेंसिंग होज असेंबली, जैकेटेड होज एसेंबली, एग्जॉस्ट कनेक्टर्स, एग्जॉस्ट गैस रीसर्कुलेशन ट्यूब्स, एक्सपैंशन बेलोज, कंपेंसेटर्स और एंड फिटिंग्स बनाती है।
इसका प्लांट नवी मुंबई के तलोजा में है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त इसका मुनाफा लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2020 में इसे 4.69 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष बढ़कर 6.01 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2022 में 27.51 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2023 में 30.15 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।