International Gemmological Institute IPO: ब्लैकस्टोन के मालिकाना हक वाली कंपनी इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (इंडिया) अपना आईपीओ लाने जा रही है। कंपनी ने इसके लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर दिया है। कंपनी का इरादा पब्लिक इश्यू के जरिए 4000 करोड़ रुपये जुटाने का है। इस आईपीओ के तहत 1250 करोड़ रुपये के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, 2750 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी।
OFS के हिस्से के रूप में इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (इंडिया) की एकमात्र प्रमोटर BCP एशिया II टॉपको प्रा.लि. द्वारा शेयरों की बिक्री की जाएगी। एक्सिस कैपिटल, कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।
IGI Inida कहां करेगी फंड का इस्तेमाल
IGI भारत में सबसे बड़ी इंडिपेंडेंट सर्टिफिकेशन और मान्यता सर्विस प्रोवाइडर है। CY2023 में डायमंड, जड़े हुए आभूषण और रंगीन स्टोन के सर्टिफिकेशन की संख्या के मामले में IGI के पास लगभग 50 फीसदी बाजार हिस्सेदारी है। कंपनी का इरादा आईपीओ से होने वाली आय में से 1100 करोड़ रुपये का इस्तेमाल प्रमोटर BCP एशिया II टॉपको प्राइवेट लिमिटेड से IGI बेल्जियम ग्रुप और IGI नीदरलैंड ग्रुप के अधिग्रहण करने का है। इसके अलावा, शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए खर्च की जाएगी।
BCP एशिया II टॉपको प्राइवेट लिमिटेड IGI बेल्जियम और IGI नीदरलैंड्स की 100 फीसदी शेयरधारक है, जो अपनी संबंधित सब्सिडियरी कंपनियों के साथ मिलकर भारत और तुर्की के बाहर IGI बिजनेस का संचालन करती है।
IGI इंडिया नेचुरल डायमंड्स, लेबोरेटरी ग्रोन डायमंड्स, जड़े हुए आभूषण और रंगीन स्टोन के सर्टिफिकेशन और मान्यता के साथ-साथ एजुकेशनल प्रोग्राम ऑफर करती है। भारत डायमंड की कटिंग और पॉलिशिंग के लिए दुनिया का सबसे बड़ा सेंटर है। CY23 में वॉल्यूम के लिहाज से दुनिया के कुल पॉलिश किए गए हीरों का लगभग 95 फीसदी भारत में किया गया है। इसकी बाजार में कोई लिस्टेड एंटिटी नहीं है।
IGI इंडिया ने दिसंबर 2023 को समाप्त वित्तीय वर्ष में 324.7 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष के 241.76 करोड़ रुपये के लाभ से 34.3 फीसदी अधिक है। इस दौरान कंपनी का टॉपलाइन और ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस मजबूत रहा। मुंबई स्थित कंपनी कैलेंडर ईयर (जनवरी-दिसंबर) को अपना वित्तीय वर्ष मानती है।
वर्ष 2023 में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 30 फीसदी बढ़कर 638.5 करोड़ रुपये हो गया। वर्ष के दौरान EBITDA 34.3 फीसदी बढ़कर 450.1 करोड़ रुपये हो गया, जबकि मार्जिन पिछले वर्ष की तुलना में 220 बीपीएस बढ़कर 70.5 फीसदी हो गया। मार्च 2024 को समाप्त पहली तिमाही में 209.1 करोड़ रुपये के रेवेन्यू पर कंपनी का मुनाफा 124.8 करोड़ रुपये रहा।