IREDA IPO: केंद्र सरकार ने अपनी रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी IREDA को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने की मंजूरी दे दी है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCEA) ने शुक्रवार 15 मार्च को इसकी मंजूरी दी। IREDA, केंद्र सरकार का एक उपक्रम है, जो रिन्यूएन एनर्जी और एनर्जी दक्षता वाले प्रोजेक्ट्स को फंड्स मुहैया कराती है। यह मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी के तहत आती है। शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने के लिए IREDA का IPO लाया जाएगा, जिसके जरिए सरकार अपनी कुछ हिस्सेदारी को बेचेगी।
वरिष्ठ अधिकारियों ने मनीकंट्रोल को बताया कि IREDA के आईपीओ को अगले वित्त वर्ष 2024 में शेयर बाजार में लाया जाएगा। इसके अलावा कमेटी इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलमेंट एजेंसी (IREDA) को IPO के जरिए नए इक्विटी शेयर जारी कर फंड जुटाने की भी इजाजत दी है।
डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM), इस लिस्टिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, " यह फैसला जून 2017 में लिए गए CCEA के पहले के फैसले की जगह लेता है, जिसके तहत IREDA को 10.00 रुपये के फेस वैल्यू के 13.90 करोड़ नए शेयर को IPO के जरिए जारी करने की मंजूरी दी। सरकार ने मार्च 2022 में कंपनी में 1,500 करोड़ की पूंजी डाली थी, जिसके चलते इसके कैपिटल स्ट्रक्चर में बदलाव आने के बाद इस फैसले को तुरंत लेने की जरूरत महसूस हुई।"
सरकार की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, यह IPO सरकार के निवेश के वैल्यू को अनलॉक करने में मदद करेगा। साथ ही लोगों को राष्ट्रीय संपत्ति में भागीदार बनने और उसका लाभ लेने का भी मौका देगी। इसके अलावा, यह IREDA को सरकारी खजाने पर निर्भर हुए बिना अपने ग्रोथ योजनाओं को पूरा करने के लिए पूंजी का एक हिस्सा जुटाने में मदद करेगा।
IREDA फिलहाल भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली मिनी-रत्न (कैटेगरी-I) कंपनी है, जिसका गठन 1987 में किया गया था। यह भारत में रिन्यूएबल एनर्जी (RE) और एनर्जी एफिशियंसी (EE) परियोजनाओं के फंडिंग में लगी हुई है। यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) के रूप में पंजीकृत है।