Concord Biotech IPO : 4 अगस्त को खुलेगा 1551 करोड़ रुपये का आईपीओ, जानिए GMP से लेकर रिस्क फैक्टर्स तक तमाम डिटेल

Concord Biotech IPO : यह मेनबोर्ड सेगमेंट में दूसरा इश्यू है, जो SBFC Finance के बाद इस हफ्ते सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। बायोटेक्नोलॉजी कंपनी में 8 अगस्त तक निवेश का मौका होगा। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू एक दिन पहले यानी 3 अगस्त को ही खुल जाएगा

अपडेटेड Aug 03, 2023 पर 4:54 PM
Concord Biotech का IPO कल यानी 4 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है।

Concord Biotech IPO : बिग बुल राकेश झुनझुनवाला की RARE Enterprises समर्थित कॉनकॉर्ड बायोटेक का आईपीओ कल यानी 4 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है। यह मेनबोर्ड सेगमेंट में दूसरा इश्यू है, जो SBFC Finance के बाद इस हफ्ते सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। बायोटेक्नोलॉजी कंपनी में 8 अगस्त तक निवेश का मौका होगा। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू एक दिन पहले यानी 3 अगस्त को ही खुल जाएगा। ऑफर के लिए प्राइस बैंड 705-741 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए 1551 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है।

आईपीओ से जुड़ी डिटेल

अहमदाबाद स्थित फार्मा कंपनी का यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल पर बेस्ड है और हेलिक्स इनवेस्टेंट 2.09 करोड़ शेयरों की बिक्री करेगी। यह एशिया में हेल्थकेयर-फोकस्ड प्राइवेट इक्विटी फंड, क्वाड्रिया कैपिटल फंड एलपी द्वारा समर्थित है। कंपनी को इश्यू से कोई पैसा नहीं मिलेगा।


हेलिक्स द्वारा 2.09 करोड़ इक्विटी शेयरों के अधिग्रहण की एवरेज कॉस्ट 227.14 रुपये प्रति शेयर थी। इसका मतलब है कि हेलिक्स के लिए मुनाफा 514 रुपये प्रति शेयर हो सकता है। यानी इस कंपनी को 475.3 करोड़ रुपये की खरीदारी के मुकाबले लगभग 1,075 करोड़ रुपये का मुनाफा होगा। इस ऑफर में कर्मचारियों के लिए 10000 इक्विटी शेयरों को रिजर्व किया गया है, जिन्हें ये शेयर 70 रुपये प्रति शेयर के डिस्काउंट पर मिलेंगे।

लॉट साइज

इस कॉनकॉर्ड बायोटेक आईपीओ के लिए न्यूनतम लॉट साइज 20 शेयर है। निवेशक 20 शेयरों के मल्टीपल में बोली लगा सकते हैं। रिटेल निवेशकों को कम से कम 14,820 रुपये का निवेश करना होगा। वहीं, उनका अधिकतम निवेश अपर प्राइस बैंड पर 13 लॉट (260 शेयर) के लिए 1,92,660 रुपये होगा। रिटेल निवेशक आईपीओ में 2 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं।

कंपनी ने ऑफर साइज का आधा हिस्सा एंकर बुक सहित क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए के लिए आरक्षित किया है। इसके अलावा, 15 फीसदी हिस्सा हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल के लिए और शेष 35 फीसदी रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व किया गया है।

रिस्क फैक्टर्स

कोई भी मैन्युफैक्चरिंग या क्वालिटी कंट्रोल इश्यू पर रेगुलेटरी एक्शन हो सकता है, जो बिजनेस पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। मैन्युफैक्चरिंग या रिसर्ट और डेवलपमेंट ऑपरेशन में मंदी से बिजनेस प्रभावित हो सकता है। कंपनी राजस्व के एक बड़े हिस्से के लिए सीमित संख्या में कस्टमर्स पर निर्भर करती है।

यह व्यापक सरकारी नियमों के अधीन है। कंपनी एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव से होने वाले जोखिमों से प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री में कापी कंपटीशन है। इसके कॉन्ट्रैक्ट के परफॉर्मेंस में देरी या विफलता बिजनेस पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। कंपनी सरकारी प्राइस कंट्रोल के अधीन है जो समय-समय पर बदल सकती है

अलॉटमेंट, लिस्टिंग डेट और GMP

शेड्यूल के मुताबिक इस आईपीओ के शेयरों का अलॉटमेंट 11 अगस्त को होगा। कंपनी 17 अगस्त तक इक्विटी शेयरों को पात्र निवेशकों के डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर कर देगी। असफल निवेशकों को 14 अगस्त तक उनके बैंक खातों में रिफंड मिल जाएगा। कॉनकॉर्ड 18 अगस्त को BSE और NSE पर डेब्यू करेगा।

विश्लेषकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इसके आईपीओ शेयर ग्रे मार्केट में 741 रुपये प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड से लगभग 20-25 फीसदी प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया और जेफ़रीज़ इंडिया इस ऑफर के मर्चेंट बैंकर हैं, जबकि लिंक इनटाइम इंडिया इश्यू का रजिस्ट्रार है।

कंपनी के बारे में

1984 में बनी यह कंपनी बॉयोफार्मा कंपनी है जिसका मुख्य काम आरएंडडी का है। 2022 की बिक्री के आंकड़ों के मुताबिक प्रतिरोधी क्षमताओं और कैंसर इत्यादि से जुड़ी बीमारियों के लिए API (एक्टिव फार्मा इनग्रेडिएंट्स) बनाने वाली यह दुनिया की दिग्गज कंपनियों में शुमार है। यह कंपनी भारत के अलावा अमेरिका, यूरोप और जापान समेत 70 से अधिक देशों को अपने प्रोडक्ट की सप्लाई करती है। पहले यह कंपनी सिर्फ एक ही प्रोडक्ट बनाती थी और अब इसका प्रोडक्ट पोर्टफोलियो काफी बड़ा गया है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो इसके मुनाफे में उतार-चढ़ाव रहा है। वित्त वर्ष 2021 में इसे 234.89 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष घटकर 174.93 करोड़ रुपये पर आ गया लेकिन फिर अगले ही वित्त वर्ष 2022-23 में यह बढ़कर 240.08 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2021 में 1,182.55 करोड़ रुपये, फिर वित्त वर्ष 2022 में 1,312.80 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2023 में 1,513.98 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

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