Lalithaa Jewellery का ₹1700 करोड़ का आईपीओ, Kalyan Jewellers और Titan से 75% डिस्काउंट पर निवेश का मौका
Lalithaa Jewellery IPO: ललिता ज्वैलरी का ₹1700 करोड़ का आईपीओ खुल चुका है। एनालिस्ट्स के मुताबिक यह कल्याण ज्वैलर्स (Kalyan Jewellers) और टाइटन (Titan) जैसे दिग्गजों के मुकाबले 75% डिस्काउंट पर है लेकिन ब्रोकरेजेज का रुझान मिला-जुला है। आईपीओ में बोली लगाने से पहले चेक करें ये 10 बातें
Lalithaa Jewellery IPO: ललिता ज्वैलरी के ₹1,700 करोड़ के आईपीओ में ₹190-₹201 के प्राइस बैंड और 74 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं।
Lalithaa Jewellery IPO: दक्षिण भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों की ज्वैलरी रिटेल कंपनी ललिता ज्लैवरी मार्ट का ₹1700 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल चुका है। इस आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में स्थिति पॉजिटिव है तो ब्रोकरेजेज का रुझान मिला-जुला है। यहां इस आईपीओ से जुड़ी 10 अहम बातें बताई जा रही है, जिसे जान लें और फिर आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लें।
1. प्राइस बैंड और लॉट साइज
ललिता ज्वैलरी के ₹1,700 करोड़ के आईपीओ में ₹190-₹201 के प्राइस बैंड और 74 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं।
2. अहम डेट्स
ललिता ज्वैलरी का आईपीओ आज 17 अगस्त को खुला है और 19 अगस्त को बंद होगा। आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 20 अगस्त को फाइनल होगा। फिर बीएसई और एनएसई पर 24 अगस्त को एंट्री होगी।
3. एंकर बुक
आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने गोल्डमैन, मॉर्गन स्टैनले और ICICI प्रूडेंशियल एएमसी समेत 22 एंकर निवेशकों से ₹508.2 करोड़ जुटाए। इन्हें ₹201 के भाव पर 2,52,83,581 शेयर जारी हुए हैं, जिसमें से 45.26% हिस्सा 9 स्कीमों के जरिए 4 घरेलू म्यूचुअल फंड्स- ICICI प्रूडेंशियल एएमसी, बंधन म्यूचुअल फंड, सैमको म्यूचुअल फंड और बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड को मिला है। कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस और बजाज लाइफ इंश्योरेंस ने भी इसमें पैसे लगाए हैं।
4. ग्रे मार्केट में स्थिति यानी GMP
ग्रे मार्केट में ललिता ज्वैलरी के शेयर आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹30 यानी 14.93% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल के आधार पर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।
5. आईपीओ में कितने शेयर होंगे जारी
ललिता ज्वैलरी के आईपीओ के तहत ₹1200 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा ₹5 की फेस वैल्यू वाले 2,48,75,621 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए इसके प्रमोटर किरण कुमार जैन अपनी हिस्सेदारी हल्की करेंगे।
6. रजिस्ट्रार
ललिता ज्वैलरी के आईपीओ का रजिस्ट्रार एमयूएफजी इनटाइम है यानी कि शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद इसकी साइट पर अलॉटमेंट स्टेटस देख सकेंगे कि कितने शेयर मिले। इसके अलावा बीएसई की साइट पर भी स्टेटस देख सकेंगे।
7. कैसे होगा आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल?
ऑफर फॉर सेल का पैसा शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर यानी प्रमोटर किरण कुमार जैन को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹1,033.23 करोड़ 10 नए स्टोर्स के सेटअप और बाकी आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
8. कंपनी के बारे में
ललिता ज्वैलरी का कारोबार दक्षिण भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में मजबूती से फैला हुआ है। यह सोने, चांदी, हीरे इत्यादि के गहने बनाती है।
9. कैसी है कारोबारी सेहत?
ललिता ज्वैलरी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 67% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹1,009.82 करोड़ और टोटल इनकम 22% के सीएजीआर से ₹ 25,039.80 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹1,604.14 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹2,679.74 करोड़ पड़े थे।
10. IPO में पैसे लगाएं या नहीं?
एसबीआई सिक्योरिटीज ने ललिता ज्वैलरी आईपीओ को न्यूट्रल रेटिंग दी है। इसका कहना है कि वह अभी की बजाय लिस्टिंग के बाद कुछ तिमाही तक कंपनी के परफॉरमेंस को ट्रैक करेगी। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि ललिता ज्वैलरी मार्ट का कारोबार दक्षिण भारत में फैला हुआ है, जिसकी तेजी से बढ़ रहे टियर II और टियर III शहरों में अच्छी-खासी मौजूदगी है। इसका बिजनेस मॉडल एसेट लाइट है और बड़े और मध्यम आकार के स्टोर के जरिए दूर-दराज के इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की योजना बना रही है। कंपनी की योजना आईपीओ के पैसों से 10 नए स्टोर्स खोलने की है जिससे दक्षिण भारत में पैठ और बढ़ने की उम्मीद है। आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से कंपनी की वैल्यू वित्त वर्ष 2026 की कमाई के मुकाबले 11.1 गुना पर है जोकि ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इंडस्ट्री पियर्स के हिसाब से है। हालांकि हेजिंग पॉलिसी नहीं होना एक रिस्क बताया। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक गोल्ड के भाव स्थिर होने पर कंपनी का मार्जिन कम हो सकता है।
एक और ब्रोकरेज फर्म स्वास्तिक इंवेस्टमार्ट ने ललिता ज्वैलरी को सब्सक्राइब रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म ने लिस्टिंग गेन के साथ-साथ रिस्क उठा सकने वाले निवेशकों को लॉन्ग टर्म के लिए पैसे लगाने की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक कल्याण ज्लैवर्स (Kalyan Jewellers) और टाइटन (Titan) जैसे दिग्गजों के मुकाबले P/E बेसिस पर यह आईपीओ 75% डिस्काउंट पर है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वैल्यू-प्राइसिंग स्ट्रैटेजी के चलते इसका 4.04% का नेट मार्जिन कम है लेकिन रिटर्न रेश्यो मजबूत हुआ है और RoE 41% के ऊपर बना हुआ है। हालांकि स्टोर बढ़ाने की वजह से इन्वेंट्री की अधिक जरूरत के कारण FY26 में ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹397.7 करोड़ के नेगेटिव स्तर पर आ गया। इसके अलावा ब्रोकरेज फर्म ने ₹1066 करोड़ के जीएसटी विवाद और प्रमोटर से जुड़े मामले को अहम रिस्क के तौर पर जिक्र किया है लेकिन यह भी कहा कि टैक्स से जुड़े पुराने मामले काफी हद तक सुलझ चुके हैं।
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