ओरिएंट केबल्स का ₹552 करोड़ का IPO 97.28 गुना भरकर बंद हो गया है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 192.68 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 121.90 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 32.21 गुना सब्सक्राइब हुआ। अब 5 अक्टूबर को NSE और BSE पर कंपनी की लिस्टिंग का इंतजार है। उम्मीद है कि शेयर अच्छे गेन के साथ शुरुआत करेगा। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 34.56 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।
IPO में ₹320 करोड़ के 1.18 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही ₹232 करोड़ के 85.29 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहा। IPO के लिए प्राइस बैंड ₹258-₹272 प्रति शेयर था। IPO की ओपनिंग से पहले कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से ₹165.60 करोड़ जुटाए। IPO के लिए रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd है।
Orient Cables IPO का अलॉटमेंट ऐसे करें चेक
Kfin Technologies की वेबसाइट से
क्या बनाती है Orient Cables
ओरिएंट केबल्स (इंडिया) लिमिटेड नेटवर्किंग केबल और पैसिव नेटवर्किंग इक्विपमेंट बनाती है। कंपनी ब्रॉडबैंड, टेलीकम्युनिकेशंस, डेटा सेंटर, रिन्यूएबल एनर्जी, स्मार्ट बिल्डिंग ऑटोमेशन और सिक्योरिटी, सिस्टम इंटीग्रेशन, FMEG और ऑटोमोटिव जैसे कई सेक्टर्स में सेवाएं देती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में CAT5, CAT5e, CAT6 और CAT6A नेटवर्किंग केबल, पैच कॉर्ड, CCTV और कोएक्सियल केबल, इंस्ट्रूमेंटेशन और कंट्रोल केबल, पावर केबल, ऑप्टिकल फाइबर केबल, फाइबर पैच कॉर्ड, कीस्टोन जैक, पावर स्ट्रिप और पावर कॉर्ड शामिल हैं।
कंपनी ग्राहकों की जरूरतों के हिसाब से कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट भी बनाती है। कंपनी ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बढ़ाते हुए E-बीम इरेडिएटेड स्पेशिएलिटी केबल, सोलर जंक्शन बॉक्स, टेथर्ड ड्रोन सिस्टम, केबल हार्नेस, पावर कॉर्ड और EV चार्जिंग केबल व गन को भी शामिल किया है।
IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल
कंपनी अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल मशीनरी, इक्विपमेंट की खरीद और मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज में सिविल वर्क्स के लिए, कर्ज चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। Orient Cables (India) का रेवेन्यू अप्रैल-जून 2026 तिमाही में ₹490.94 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹32.78 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी पर ₹258.46 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 42 प्रतिशत बढ़कर ₹1,181.67 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा ₹53.56 करोड़ दर्ज किया गया।
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