SME सेक्शन में पेशवा व्हीट की 1 अक्टूबर को लिस्टिंग निराशाजनक रही। BSE SME पर शेयर करीब 1 प्रतिशत गिरावट के साथ 100.05 रुपये पर लिस्ट हुआ। IPO के लिए फाइनल इश्यू प्राइस 101 रुपये था। तुरंत ही शेयर में लिस्टिंग प्राइस से 5 प्रतिशत की गिरावट आई और 95.05 रुपये पर लोअर सर्किट लगा। कंपनी का 53.52 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 2.77 गुना भरा था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 177.12 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 0.35 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.72 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
Peshwa Wheat IPO में 52.99 लाख नए शेयर जारी हुए। कंपनी गेहूं से बने प्रोडक्ट, जैसे आटा, सॉर्टेक्स व्हीट, टूटा हुआ गेहूं (दलिया) और बेसन व मक्के के आटे जैसे अन्य प्रोडक्ट्स की प्रोसेसिंग का काम करती है। कंपनी मुख्य रूप से 50 किलो और 30 किलो की पैकेजिंग में प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है। प्रोडक्शन के दौरान, गेहूं के चोकर जैसे बाय-प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल पशुओं के चारे के तौर पर किया जाता है।
कंपनी का मार्केट कैप 180 करोड़ रुपये से ज्यादा है। पेशवा व्हीट का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2025—26 के दौरान 26 प्रतिशत बढ़कर 215.96 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 15.81 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर 23.74 करोड़ रुपये की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 171.55 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 11.84 करोड़ रुपये रहा था।
IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल
पेशवा व्हीट अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल हुए पैसों का इस्तेमाल प्लांट और मशीनरी की खरीद के लिए, सिविल कंस्ट्रक्शन को लेकर कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए और IPO पर आए खर्च की भरपाई के लिए करेगी।
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