CSM Technologies IPO: सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ 24 जून यानी बुधवार को खुल रहा है। कंपनी इस इश्यू के तहत 146 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। वह करीब 1.29 करोड़ शेयर जारी करेगी। आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, कारोबार के विस्तार और सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी।
ई-गवर्नेंस, सिस्टम इंटिग्रेशन में विशेषज्ञता
CSM Technologies एक प्रमुख GovTech और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी है। इसे सरकार के डिपार्टमेंट्स, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स और एंटरप्राइजेज को टेक्नोलॉजी एनेबल्ड सॉल्यूशंस ऑफर करने का 27 साल से ज्यादा का अनुभव है। इसे ई-गवर्नेंस, सिस्टम इंटिग्रेशन, अप्लिकेशन डेवलपमेंट, क्लाउड सॉल्यूशंस, एनालिटिक्स और एआई में विशेषज्ञता हासिल है।
आईपीओ में 29 जून तक लगाई जा सकती है बोली
कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड 107-113 रुपये तय किया है। इस आईपीओ में 29 जून तक निवेश किया जा सकता है। इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा। इसका मतलब है कि कंपनी इश्यू में सिर्फ नए शेयर इनवेस्टर्स को इश्यू करेगी।
1998 में हुई थी कंपनी की शुरुआत
सीएसएम टेक्नोलॉजी की शुरुआत 1998 में हुई थी। इसका मुख्यालय भुवनेश्वर है। बीते सालों में खुद को सॉफ्टवेयर सर्विसेज प्रोवाइडर से एंड-टू-एंड टेक्नोलॉलीज सॉल्यूशंस पार्टनर के रूप में बदला है। आईपीओ में शेयर के अपर प्राइस बैंड पर FY25 के अर्निंग्स के मुकाबले कीमत 41.6 गुनी है। यह ज्यादा नहीं है, क्योंकि कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड और फाइनेंशियल मीट्रिक्स बेहतर रहे हैं।
आनंदराठी ने दी बोली लगाने की सलाह
ब्रोकरेज फर्म आनंदराठी ने इस आईपीओ को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। कंपनी ने इश्यू में 50 फीसदी शेयर क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा है। 15 फीसदी शेयर नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व होंगे। बाकी 35 फीसदी शेयर रिटेल इनवेस्टर्स के लिए होंगे।
कम से कम 14,916 रुपये से अप्लाई करना होगा
इनवेस्टर्स को इश्यू में कम से कम शेयरों के एक लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट 132 शेयरों का है। इसका मतलब है कि शेयर के अपर प्राइस बैंड पर अप्लाई करने के लिए रिटेल इनवेस्टर्स को कम से कम 14,916 रुपये की बोली लगानी होगी।
आईटी कंपनियों को लेकर मार्केट सेंटिमेंट कमजोर
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब आईटी शेयरों पर बिकवाली का दबाव है। खासकर भारतीय आईटी कंपनियों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल का असर पड़ा है। 23 जून को भी शेयर बाजार में गिरावट में आईटी कंपनियों में बिकवाली का बड़ा हाथ रहा। करीब सभी दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का दबाव दिखा।