Advit Jewels IPO: आईपीओ मार्केट में रौनक बनी हुई है। अब 100% हाथ से गहने बनाने वाली यानी हर पीस मास्टरपीस बनाने वाली अद्वित ज्वेल्स का ₹165 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है। पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए यह आईपीओ 23 जून को खुलेगा। ग्रे मार्केट में यह रॉकेट बना हुआ है। यहां इस आईपीओ से जुड़ी 8 अहम बातें बताई जा रही है, जिसे जान लें और फिर आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लें।
1. प्राइस बैंड और लॉट साइज
अद्वित ज्वेल्स के ₹165 करोड़ के आईपीओ में ₹130-₹138 के प्राइस बैंड और 100 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकेंगे।
अद्वित ज्वेल्स का आईपीओ 23 जून को खुलेगा और 25 जून को बंद होगा। आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 29 जून को फाइनल होगा। फिर बीएसई और एनएसई पर 1 जुलाई को एंट्री होगी।
3. ग्रे मार्केट में स्थिति यानी GMP
ग्रे मार्केट में अद्वित ज्वेल्स के शेयर आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹64 यानी 46.38% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं यानी कि ग्रे मार्केट से लिस्टिंग पर हर लॉट पर ₹6400 के मुनाफे का संकेत मिल रहा है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल के आधार पर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।
4. आईपीओ में कितने शेयर होंगे जारी
अद्वित ज्वेल्स के आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,19,68,000 नए शेयर जारी होंगे। इस इश्यू के तहत सिर्फ नए शेयर जारी होंगे यानी कि ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए कोई भी अपनी हिस्सेदारी नहीं हल्की करेगा।
अद्वित ज्वेल्स के आईपीओ का रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज है यानी कि शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद इसकी साइट पर जारी अलॉटमेंट स्टेटस देख सकेंगे कि कितने शेयर मिले। इसके अलावा बीएसई की साइट पर भी स्टेटस देख सकेंगे।
6. कैसे होगा आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल?
नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹65.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतों और ₹65.00 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
अद्वित ज्वेल्स जयपुर की एक ज्वेलरी कंपनी है जो "Rambhajo" ब्रांड नाम के तहत कुंदन, पोलकी, डायमंड और स्टडेड (रत्न जड़े) जैसे हाथ से बनी बेहतरीन ज्वेलरी बनाने में माहिर है। यह मुख्य रूप से बी2बी मॉडल पर काम करती है लेकिन खास ऑर्डर पर बनने वाली ज्वेलरी के लिए बी2सी सर्विसेज भी देती है। चूंकि इसकी ज्वेलरी पूरी तरह हाथ से बनाई जाती है, जिससे हर पीस एक मास्टरपीस होता है। वित्त वर्ष 2025 में इसकी कुल कमाई का 81.63% हिस्सा बी2बी सेगमेंट से और 18.37% हिस्सा बी2सी सेगमेंट से आया। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट जयपुर में है, जो 3डी प्रिंटर और कास्टिंग यूनिट जैसी आधुनिक मशीनों से लैस है। इससे सोना पिघलाने से लेकर पॉलिशिंग और क्वालिटी चेक तक की पूरी प्रक्रिया इन-हाउस यानी कंपनी के अंदर ही पूरी की जा सकती है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 56% के CAGR से ₹25.37 करोड़ और रेवेन्यू 63% के सीएजीआर (कंपाउंड एनुअरल ग्रोथ रेट) से बढ़कर ₹124.94 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹25.44 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹123.80 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹64.92 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹51.64 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।