ऑटो कंपोनेंट सेक्टर की कंपनी धूत ट्रांसमिशन ने IPO के जरिए फंड जुटाने के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर Sebi के पास अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर जमा किए हैं। कंपनी में अमेरिका की दिग्गज इनवेस्टमेंट फर्म बेन कैपिटल का भी पैसा लगा हुआ है। अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) के मुताबिक, प्रस्तावित IPO में 1,400 करोड़ रुपये के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। साथ ही प्रमोटर्स/मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से 1.63 करोड़ तक के इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा।
OFS के तहत बेन कैपिटल अपनी सहयोगी कंपनी BC Asia Investments XV Ltd के जरिए लगभग 1.32 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेगी। वहीं मंगलम कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड 31.18 लाख शेयर बेचेगी। इससे पहले धूत ट्रांसमिशन ने IPO के जरिए लगभग 2258 करोड़ रुपये जुटाने के लिए कॉन्फिडेंशियल ड्राफ्ट जमा किया था। मई महीने की शुरुआत में उसे पब्लिक इश्यू लाने के लिए Sebi से मंजूरी मिल गई।
कॉन्फिडेंशियल रूट कंपनियों को लिस्टिंग पर अंतिम फैसले पर पहुंचने तक गोपनीयता की सुविधा देता है। अगर जरूरी हो तो वे बाद में बाजार की स्थितियों के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा किए बिना ड्राफ्ट को वापस भी ले सकती हैं। कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग कंपनियों को सेंसिटिव बिजनेस डिटेल्स या फाइनेंशियल मेट्रिक्स और रिस्क्स को गोपनीय रखने की इजाजत देती है, खासकर कॉम्पिटीटर्स से। दूसरी ओर स्टैंडर्ड DRHP (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) फाइलिंग के बाद एक पब्लिक डॉक्युमेंट बन जाता है।
क्या करती है Dhoot Transmission
धूत ट्रांसमिशन क्रिटिकल वायरिंग हार्नेस की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई के बिजनेस में है। क्रिटिकल वायरिंग हार्नेस, इलेक्ट्रॉनिक सेंसर्स और कंट्रोलर्स, स्विच, टर्मिनल्स, कनेक्टर्स, जंक्शन बॉक्स, हाई-वोल्टेज इंटरकनेक्शन सिस्टम और डेटा केबल्स को इंटीग्रेट करते हैं, और विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर एप्लिकेशन-स्पेसिफिक आर्किटेक्चर प्रदान करते हैं।
कंपनी का दावा है कि वह भारत के दोपहिया और तिपहिया वाहनों के वायरिंग हार्नेस बाजार में टॉप 2 कंपनियों में से एक है। इसके क्लाइंट्स में Bajaj Auto, TVS Motor Company, Honda Motorcycle and Scooter India, और Royal Enfield शामिल हैं।
IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल
IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों में से 493.9 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी अपने कर्ज चुकाने के लिए करेगी। 272.58 करोड़ रुपये सहायक कंपनियों- धूत ऑटोकंपोनेंट्स, धूत इलेक्ट्रिकल सिस्टम्स, धूत ऑटोमोटिव सिस्टम्स और धूत ट्रांसमिशन UK Ltd में डाले जाएंगे, ताकि उनके कर्ज चुकाए जा सकें। कंपनी 150 करोड़ रुपये के फंड का इस्तेमाल हरियाणा के झज्जर और तमिलनाडु के होसुर के शूलागिरी में नई वायरिंग हार्नेस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाने के लिए करने वाली है। बाकी पैसों का इस्तेमाल अधिग्रहण के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
धूत ट्रांसमिशन का ऑपरेशंस से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2022-23 में 2,125.86 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2025 में यह 3,444.86 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 163.91 करोड़ रुपये था, जो कि दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 353.89 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के शेयर BSE और NSE पर लिस्ट होंगे। IPO के लिए एक्सिस कैपिटल लिमिटेड, जेफरीज इंडिया, कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, SBI कैपिटल मार्केट्स और 360 ONE WAM बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं।