देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी के आईपीओ की बहुत चर्चा हो रही है। हालांकि, एलआईसी के आईपीओ में देर हो सकती है। बड़ी संख्या में रिटेल इनवेस्टर्स एलआईसी के आईपीओ में पैसे लगाना चाहते हैं। हालांकि, मार्केट में उतार-चढ़ाव का असर इनवेस्टर्स के सेंटिमेंट पर पड़ा है। आईपीओ में निवेश का फैसला सोचसमझकर लेना चाहिए। हम आपको कुछ बातें बता रहे हैं जिनका ध्यान आपको रखना चाहिए।
वैल्यूएशंस और फंडामेंटल्स कैसे हैं?
इनवेस्टर्स आईपीओ में निवेश करने में एक ही गलती बार-बार करते हैं। हॉट थीम के पीछे भागना कई बार फायदेमंद नहीं रहता है। साल 2021 में टेक्नोलॉजी बेस्ड कंपनियों की धूम थी। लेकिन, सभी ने इनवेस्टर्स का भला नहीं किया। पेटीएम का शेयर अपने इश्यू प्राइस के मुकाबले दो-तिहाई वैल्यू गंवा चुका है। इसका इश्यू प्राइस 2150 रुपये था। अभी इस शेयर का भाव 634 रुपये चल रहा है। कारट्रेड और पीबी फिनटेक के शेयर का भाव आईपीओ के प्राइस से नीचे आ गया है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की एवीपी (रिटेल रिसर्च) स्नेहा पोद्दार ने कहा, "स्टॉक प्राइसेज अंडरलाइंड बिजनेस के फंडामेंटल्स को ट्रैक करते हैं। अगर कंपनी पैसे नहीं बना रही है या उस सेक्टर में तगड़ी प्रतिस्पर्धा है तो मुश्किल समय में ऐसी कंपनियों के शेयर गिर जाते हैं। फिर उन्हें उठने में समय लगता है। मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों के शेयर जल्द रिकवर कर जाते हैं।"
न्यू एज कंपनियों का फोकस कस्टमर एक्विजेशन पर होता है। ऐसे में मुनाफा बनाने की क्षमता प्रायरिटी में नीचे चली जाती है। जो इनवेस्टर्स ज्यादा रिस्क नहीं ले सकते, उन्हें कंपनी के मुनाफे में आने तक इंतजार करना चाहिए। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के हेड (रिटेल रिसर्च) दीपक जसानी ने कहा, "न्यू एज कंपनियों के बारे में वैल्यूएशन बहुत मायने रखती है। ये काफी महंगे होती हैं। ज्यादातर निवेशक कंपनियों के आईपीओ में वैल्यूएशन को समझ नहीं पाते। "
क्या आप वास्तव में बिजनेस को समझते हैं?
वॉरेन बफे जैसे कई दिग्गज इनवेस्टर्स किसी कंपनी में पैसे लगाने से पहले उसके बिजनेस को समझने की बात करते हैं। इसका मतलब कंपनी के बिजनेस मॉडल, मार्जिन, मुनाफा बनाने की क्षमता और ग्रोथ की संभावनाओं से है। न्यू एज कंपनियों के आईपीओ के मामले में इनवेस्टर्स सिर्फ यह देखते हैं कि यह कंपनी क्या करती है। वे उसके प्रोडक्ट या सर्विसेज की क्वालिटी पर ध्यान तो देते हैं, लेकिन बिजनेस मॉडल, मार्जिन जैसी चीजों की अनदेखी कर देते हैं। यह ठीक नहीं है। अगर आप किसी कंपनी के आईपीओ में पैसे लगाने जा रहे हैं तो आपको उसके बिजनेस के हर पहलू की समझ होनी चाहिए।
पिछले साल लिस्ट हुई कंपनियों में क्लीन साइंस एंड टेक्नोलॉजी और एमी ऑर्गेनिक्स स्पेशियलिटी केमिकल कंपनियां हैं। इनके शेयरों का प्रदर्शन अच्छा है। इसी तरह सोना बीएलडब्ल्यू प्रिसिजन फोर्जिंग्स का शेयर भी अच्छा कर रहा है।
लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट या सिर्फ लिस्टिंग गेन?
ज्यादातर इनवेस्टर्स को यह पता नहीं होता कि वे किसी आईपीओ में पैसा क्यों लगा रहे हैं। इनवेस्टमेंट गोल (लक्ष्य) और एग्जिट स्ट्रेटेजी के बगैर किसी आईपीओ में इनवेस्ट करना सही नहीं है। आपको यह पता होना चाहिए कि आप आईपीओ में सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए निवेश कर रहे हैं या आपका नजरिया लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट का है। जब आप लिस्टिंग गेन के लिए पैसे लगाते हैं तो चढ़ते बाजार में आपके सफल रहने की संभावना ज्यादा होती है। अगर आप लंबी अवधि के लिहाज से इनवेस्ट कर रहे हैं तो आपको शेयर की लिस्टिंग से ज्यादा मतलब नहीं होना चाहिए। यह तभी होगा जब आप कंपनी और सेक्टर के फंडामेंटल को समझ रहे होंगे।