Droneacharya Aerial Innovations IPO subscription & GMP: द्रोणाचार्य एरियल इनोवेशन (Droneacharya Aerial Innovations) के आईपीओ को निवेशकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है, ऐसे में निवेशकों को शेयर अलॉटमेंट का बेसब्री से इंतजार है। सफल निवेशकों को 20 दिसंबर को शेयर अलॉट हो सकते हैं। वहीं 23 दिसंबर को कंपनी का स्टॉक लिस्ट हो सकता है। कंपनी इस आईपीओ के ज़रिए 33.97 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। बीएसई की वेबसाइट के मुताबिक, सब्सक्रिप्शन के अंतिम दिन यानी 15 दिसंबर तक यह आईपीओ 243.70 गुना सब्सक्राइब हुआ है। ग्रे मार्केट से भी शेयर के जबरदस्त प्रीमियम (GMP) पर लिस्ट होने के संकेत मिल रहे हैं। बता दें कि यह आईपीओ निवेशकों के लिए 13 दिसंबर से 15 दिसंबर तक खुला था।
अलग-अलग कैटेगरी में कितना मिला सब्सक्रिप्शन?
इस आईपीओ को 243.70 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है. इसके तहत, रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए आरक्षित हिस्से को 330 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है. वहीं, नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए रिजर्व हिस्सा 287 गुना और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स का हिस्सा 46 गुना सब्सक्राइब हुआ है।
ग्रे मार्केट में क्या है हाल
बाजार में इस समय सेंटीमेंट कमजोर नज़र आ रहे हैं, इसके बावजूद द्रोणाचार्य एरियल इनोवेशन की लिस्टिंग को लेकर निवेशक बुलिश हैं। ग्रे मार्केट में इस आईपीओ को लेकर क्रेज अब भी बढ़ता हुआ दिख रहा है। यह आईपीओ गुरुवार को 70 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, आज इसके जीएमपी में 2 रुपये का उछाल देखने को मिला है। आज यह इश्यू 72 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। इसका मतलब है कि अपर प्राइस बैंड के हिसाब से यह इश्यू 126 रुपये के भाव पर लिस्ट हो सकता है। यानी निवेशकों को प्रति शेयर 133 फीसदी मुनाफा होने की संभावना है।
क्या है Droneacharya का कारोबार?
द्रोणाचार्य एरियल इनोवेशन ने मार्च 2022 से लेकर अब तक 180 से अधिक ड्रोन पायलट्स को ट्रेनिंग दी है। यह देश के उन पहले निजी कंपनियों में शामिल है जिसे इस साल DGCA (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) से RPTO (रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन) का लाइसेंस मिला। कंपनी ने वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2022 में 3.09 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था। कंपनी को 72.06 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ था। कंपनी अब ऐसा स्वदेशी ड्रोन तैयार करना चाहती है जिसे जमीन और पानी के भीतर सर्वे के लिए कस्टमाइज किया जा सके।