Ecos Mobility IPO: ड्राइवर के साथ कार सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनी इकोज इंडिया मोबिलिटी एंड हॉस्पिटैलिटी के शेयरों की लिस्टिंग कल यानी 4 सितंबर को होने वाली है। इस आईपीओ को निवेशकों का तगड़ा रिस्पॉन्स मिला है और यह अंतिम दिन तक कुल 64.18 गुना सब्सक्राइब हुआ है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग पर निवेशकों को 45 फीसदी तक का तगड़ा मुनाफा होने की उम्मीद है। कंपनी का इरादा इश्यू के जरिए 601 करोड़ रुपये जुटाने का है।
Ecos Mobility IPO की लिस्टिंग पर एक्सपर्ट्स की राय
स्टॉक्सबॉक्स की रिसर्च एनालिस्ट आकृति मेहरोत्रा को उम्मीद है कि यह इश्यू अपने अपर प्राइस बैंड से 45 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट होगा। उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे इंडस्ट्री डिजिटल सॉल्यूशन को अपना रही है, ECOS लगातार ग्रोथ और लीडरशिप के लिए अपनी ऑपरेशनल एक्सीलेंस और एडवांस टेक्नोलॉजी का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। कंपनी के वित्तीय आंकड़े तीन वित्तीय वर्षों में मजबूत ग्रोथ दिखाते हैं, जिसमें कुल रेवेन्यू FY22 में 1473.4 मिलियन रुपये से बढ़कर FY24 में 5,544.1 मिलियन रुपये हो गया, जो लगभग 94.0 फीसदी की CAGR है।"
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के सीनियर VP रिसर्च - रिसर्च एनालिस्ट प्रशांत तापसे को उम्मीद है कि बाजार में पॉजिटिविटी के चलते इस आईपीओ को इश्यू प्राइस पर 20 फीसदी से अधिक लिस्टिंग गेन की उम्मीद है।
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड की वेल्थ हेड शिवानी न्याती ने भी यही बात दोहराते हुए कहा कि IPO ने निवेशकों की अच्छी रुचि हासिल की, जिसका सबूत 64.18 गुना का मजबूत सब्सक्रिप्शन रेट और 160 रुपये (47.90 फीसदी) का पर्याप्त ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) है। उन्होंने कहा कि मिक्स्ड फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और बेहतर वैल्यूएशन को देखते हुए निवेशक लंबी अवधि के लिए वेट-एंड-वॉच एप्रोच अपनाना चाह सकते हैं। हालांकि, आईपीओ के लिए मजबूत मार्केट डिमांड, जैसा कि सब्सक्रिप्शन रेट और GMP में दिखता है, पॉजिटिव लिस्टिंग की संभावना का संकेत देता है।
इकोज इंडिया मोबिलिटी एंड हॉस्पिटैलिटी का आईपीओ ग्रे मार्केट में आज 126 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। इस हिसाब से कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 460 रुपये के भाव पर होने की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो निवेशकों को 37.72 फीसदी का मुनाफा होगा।
Ecos India Mobility पिछले 25 से सालों से कॉरपोरेट ग्राहकों को ड्राइवर वाली कार किराए पर देने (CCR) और एंप्लॉयी ट्रांसपोर्टेशन से जुड़ी सेवाएं (ETS) मुहैया करा रही है। यह इकोनॉमी से लेकर लग्जरी कारों तक 9,000 से ज्यादा वाहनों का बेड़ा संचालित करती है। यह लगेज वैन, लिमोसिन, विंटेज कार के साथ विकलांग लोगों के सुलभ परिवहन के लिए स्पेशल व्हीकल भी मुहैया कराती है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल कॉरपोरेट मोबिलिटी मार्केट (CCR और ETS दोनों) 2023 से 2030 तक 9.6 प्रतिशत की अनुमानित दर से ग्रोथ कर सकते हैं। इसके अलावा, भारत में 2023 से 2030 तक 10.7 प्रतिशत की दर से ग्रोथ का अनुमान है। यह अनुमान F&S की एक रिपोर्ट में जताया गया था।