EMS IPO : रत्नवीर प्रिसिजन इंजीनियरिंग और ज्यूपिटर लाइफ लाइन हॉस्पिटल्स के बाद EMS लिमिटेड इस हफ्ते सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाली तीसरी कंपनी है। सीवरेज सॉल्यूशन प्रोवाइडर का यह आईपीओ 8 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है। कंपनी ने इसके लिए 200-211 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा है। आईपीओ के जरिए 321.24 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी है। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू एक दिन पहले यानी 7 सितंबर को खुलेगा। यह ऑफर 12 सितंबर को बंद हो जाएगा।
आईपीओ के तहत 146.24 करोड़ रुपये के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, 175 करोड़ रुपये के 82.94 लाख शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत की जाएगी। OFS के हिस्से के रूप में प्रमोटर रामवीर सिंह शेयर बेचेंगे। वाटर और वेस्ट वाटर कलेक्शन, ट्रीटमेंट और डिस्पोजल सर्विसेज प्रदान करने वाली कंपनी ने इश्यू साइज का आधा हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 फीसदी नेट वर्थ इंडिविजुअल के लिए और शेष 35 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित किया है।
प्री आईपीओ प्लेसमेंट से जुटाए गए 33.76 करोड़
रेड-हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने से पहले कंपनी ने अपर प्राइस बैंड पर 16 लाख शेयरों के प्राइवेट प्लेसमेंट (प्री-आईपीओ प्लेसमेंट) के माध्यम से 33.76 करोड़ रुपये जुटाए। इससे ताजा इश्यू का आकार पहले के 180 करोड़ रुपये से 33.76 करोड़ रुपये कम होकर 146.24 करोड़ रुपये हो गया है।
कहां होगा फंड का इस्तेमाल
ईएमएस लिमिटेड 101.24 करोड़ रुपये का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए करेगी। इसके अलावा, सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों में भी खर्च किया जाएगा। सब्सक्रिप्शन के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 15 सितंबर को होगा। सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में 20 सितंबर को शेयर ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। असफल निवेशकों के लिए रिफंड की प्रक्रिया 18 सितंबर को शुरू हो जाएगी। आईपीओ शेड्यूल के अनुसार, EMS 21 सितंबर को बीएसई और एनएसई पर डेब्यू करेगा।
कंपनी का मार्च FY23 को समाप्त वित्तीय वर्ष में कंसोलिडेटेड प्रॉफिट सालाना 37.7 फीसदी बढ़कर 108.7 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान, कंपनी का राजस्व 49.5 फीसदी बढ़कर 538.2 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 32.4 फीसदी बढ़कर 149 करोड़ रुपये हो गया है, लेकिन FY23 में EBITDA मार्जिन गिरकर 27.7 फीसदी हो गया, जो पिछले वर्ष 31.3 फीसदी था।