Ethos Share Listing: लग्जरी वॉच बनाने वाली Ethos Ltd के शेयरों की लिस्टिंग आज 30 मई को होने वाली है। कंपनी का इश्यू 18 मई को खुला और 20 मई को बंद हुआ था। कंपनी के इश्यू में निवेशकों की ज्यादा दिलचस्पी नहीं देखी गई थी। कंपनी का इश्यू सिर्फ 1.04% ही भर पाया था। जबकि रिटेल इनवेस्टर्स का कोटा 84% सब्सक्राइब हो पाया।
ग्रे मार्केट में भी Ethos के शेयरों में इनवेस्टर्स की ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिख रहा है। ग्रे मार्केट को ट्रैक करने वाली आईपीओ वॉच के मुताबिक, आईपीओ के दौरान भी Ethos के शेयर में ज्यादा हलचल नहीं दिखी। इस शेयर पर कोई खास प्रीमियम नहीं दिखा। पिछले कुछ दिनों से इस शेयर में फ्लैट या डिस्काउंट के साथ ट्रेडिंग हो रही है। इससे आज इनवेस्टर्स को लिस्टिंग गेंस की कम ही उम्मीद है।
वेंचुरा सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड विनित बोलिंजकर ने कहा कि ग्रे मार्केट में पहले थोड़ा प्रीमियम दिखा था। लेकिन, अब इसमें डिस्काउंट पर ट्रेडिंग हो रही है। प्रति शेयर करीब 5-10 रुपये का डिस्काउंट है। उन्होंने कहा कि स्टॉक मार्केट में भी काफी उतारचढ़ाव दिख रहा है। ऐसे में यह शेयर डिस्काउंट के साथ 868-873 रुपये की रेंज में लिस्ट हो सकता है।
शुरुआत में ब्रोकरेज फर्मों ने इस आईपीओ को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया जताई थी। उन्होंने इनवेस्टर्स को लंबी अवधि के लिए इस आईपीओ में पैसे लगाने की सलाह दी थी। हालांकि, उन्होंने कहा था कि बढ़ती महंगाई की वजह से लोग खर्च करने में बहुत सावधानी बरत रहे हैं। इसका असर Ethos के बिजनेस पर पड़ सकता है।
चॉइस ब्रोकिंग के रिसर्च एसोसिएट पीयूष चाजेड ने कहा, "हमने इस इश्यू में इनवेस्ट नहीं करने की सलाह दी थी। इसकी वजह यह है कि फाइनेंशियल ईयर 2019-21 के दौरान कंपनी का प्रदर्शन उत्साहजनक नहीं रहा है। इसकी सेल्स वॉल्यूम और प्रॉफिटिबिलिटी में गिरावट देखने को मिली है।"
यह कंपनी 5 नवंबर, 2007 को 'कमला रिटेल लिमिटेड' के नाम से रजिस्टर्ड हुई थी। यह इंडिया की सबसे बड़ी लग्जरी एवं प्रीमियम वॉच रिटेलर है। प्रीमियम और लग्जरी सेगमेंट की कुल सेल्स में इसकी 13 फीसदी हिस्सेदारी है। यह वेबसाइट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और फिजिकल स्टोर्स के जरिए अपने प्रोडक्ट्स की बिक्री करती है।
कैसा है कंपनी का कारोबार?
कंपनी के वॉच पोर्टफोलियो में 50 प्रीमियम ब्रांड्स शामिल हैं। इनमें ओमेगा, IWC Schaffhausen, Jaeger LeCoultre, Panerai, Bvlgari जैसे बड़े ब्रांड शामिल हैं। इसके 17 शहरों में 50 फिजिकल रिटेल स्टोर हैं। यह करीब 7,000 अलग-अलग प्रीमियम वॉचेज बेचती है। इसके स्टॉक में किसी समय 30,000 वॉचेज रहते हैं।
फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में इसका रेवेन्यू 386.57 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 457.85 करोड़ रुपये था। इस तरह साल दर साल आधार पर रेवेन्यू 15.6 फीसदी घटा है। फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में इसका प्रॉफिट 5.79 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले कंपनी को 1.33 करोड़ रुपये लॉस हुआ था।