ऑनलाइन रिटेल कंपनी फर्स्ट क्राई अपने IPO के लिए 30 अप्रैल को फिर से ड्राफ्ट पेपर सौंप सकती है। मामले से वाकिफ सूत्रों ने यह जानकारी दी है। कंपनी को अपने 50 करोड़ डॉलर के IPO के लिए पिछले हफ्ते पेपर वापस लेने पड़े थे। इससे पहले मनीकंट्रोल (Moneycontrol) ने खबर दी थी कि पुणे की कंपनी फर्स्ट क्राई आने वाले दिनों में अपने IPO के लिए फिर से अपने पेपर रीफाइल कर सकती है। मार्केट रेगुलेटर सेबी ने पहली बार उसकी फाइलिंग को वापस लौटा दिया था।
सेबी और फर्स्टक्राई (FirstCry) में पहले एक महीने तक IPO को लेकर संवाद होता रहा और इसके बाद रेगुलेटर ने आखिरकार कंपनी की फाइलिंग को लौटा दिया। साथ ही, इसको लेकर ज्यादा स्पष्टीकरण भी मांगा था। सेबी ने शुरू में 25 केपीआई मांगे थे और फर्स्टक्राई पहले फाइलिंग सेट में सिर्फ 5-6 केपीआई ही उपलब्ध करा पाई थी। फर्स्टक्राई के केपीआई में एवरेज ऑर्डर वॉल्यूम, कस्टमर्स का सालाना ट्रांजैक्शन और ऑर्डरों की संख्या शामिल होती है। केपीआई की विस्तार से जानकारी के अलावा सेबी ने अपडेटेड फाइनेंशियल आंकड़े भी मांगे थे।
वहीं, महिंद्रा इंजीनियरिंग एंड केमिकल प्रोडक्ट्स के पास फर्स्टक्राई की अतिरिक्त 3.11 पर्सेंट हिस्सेदारी थी। फर्स्टक्राई ने जब दिसंबर 2023 में पहली बार अपने IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर सौंपा था, तो इसने सितंबर 2023 तक फाइनेंशियल स्टेटमेंट सौंपे थे। हालांकि, मामले से वाकिफ सूत्रों ने बताया कि रीफाइलिंग के तहत दिसंबर 2023 तक कंपनी की परफॉर्मेंस को अपडेट किया जाएगा। फर्स्टक्राई की पैरेंट कंपनी का नाम ब्रेनबीज है। मार्च 2021 के आंकड़ों के अनुसार, ब्रेनबीज में महिंद्रा ग्रुप की महिंद्रा रिटेल के पास 10.48 पर्सेंट हिस्सेदारी थी। इस सिलसिले में फर्स्टक्राई को भेजी गई ईमल का अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।