Flair Writing IPO : पेन बनाने वाली कंपनी फ्लेयर राइटिंग इंडस्ट्रीज लिमिटेड का आईपीओ 22 नवंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है। निवेशकों के पास इसमें 24 नवंबर तक निवेश का मौका होगा। कंपनी ने इसके लिए 288-304 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी का इरादा आईपीओ के जरिए 593 करोड़ रुपये जुटाने का है। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू एक दिन पहले 21 नवंबर को खुलेगा। आईपीओ खुलने से पहले ग्रे मार्केट में इस आईपीओ को लेकर पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं। कंपनी के शेयर आज ग्रे मार्केट में 45 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं।
आईपीओ के तहत 292 करोड़ रुपये के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, कंपनी के प्रमोटरों और प्रमोटर ग्रुप एंटिटी द्वारा 301 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत की जाएगी। वर्तमान में, प्रमोटरों और प्रमोटर ग्रुप एंटिटी के पास कंपनी की 100% हिस्सेदारी है। ऑफर का लगभग 50 फीसदी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 फीसदी हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए और शेष 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है।
लॉट साइज 49 इक्विटी शेयरों का है और उसके बाद इसके मल्टीपल में बोली लगाया जा सकेगा। इसका मतलब है कि खुदरा निवेशक कम से कम 14896 रुपये का (49 शेयर) निवेश कर सकते हैं। नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड (पहले एडलवाइस सिक्योरिटीज लिमिटेड के नाम से जाना जाता था) और एक्सिस कैपिटल लिमिटेड आईपीओ के बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं। आईपीओ के लिए रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है।
उम्मीद है कि कंपनी 30 नवंबर तक सफल निवेशकों को शेयरों का अलॉटमेंट करेगी। 4 दिसंबर तक सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में इक्विटी शेयर जमा कर दिए जाएंगे। कंपनी के इक्विटी शेयर 5 दिसंबर को बीएसई और एनएसई दोनों पर लिस्ट होंगे।
कहां होगा फंड का इस्तेमाल
आईपीओ से जुटाई गई धनराशि का इस्तेमाल गुजरात के वलसाड जिले में राइटिंग इंस्ट्रूमेंट्स के लिए एक मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही, फर्म के कैपिटल एक्सपेंडिचर और सब्सिडियरी कंपनी फ्लेयर राइटिंग इक्विपमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (FWEPL) की फंडिंग के लिए भी फंड का इस्तेमाल होगा।
इसके अलावा, आय का उपयोग कंपनी और सब्सिडियरी कंपनियों FWEPL और फ्लेयर साइरोसिल इंडस्ट्रीज की वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। साथ ही, जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कर्ज के भुगतान और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
पेन बनाने वाली यह कंपनी 45 साल से अधिक पुराने फ्लैगशिप ब्रांड 'फ्लेयर' का मालिक है। यह इस साल मार्च तक करीब 9 फीसदी की बाजार हिस्सेदारी के साथ ओवरऑल राइटिंग इंस्ट्रूमेंट इंडस्ट्री में टॉप तीन प्लेयर्स में से एक है। कंपनी पेन, स्टेशनरी प्रोडक्ट्स और कैलकुलेटर सहित राइटिंग इंस्ट्रूमेंट बनाती और बेचती है। कंपनी हाउसवेयर प्रोडक्ट्स और स्टील की बोतलों के निर्माण में भी लगी हुई है।