टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स की 14 अगस्त को शेयर बाजार में लिस्टिंग दमदार रही। शेयर ने BSE पर 34.4 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 285 रुपये और NSE पर 34 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 284 रुपये पर शुरुआत की। कंपनी का ₹251.88 करोड़ का पब्लिक इश्यू आया था। IPO प्राइस ₹212 प्रति शेयर था। टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स लिमिटेड एक पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी है, जो टर्नकी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) प्रोजेक्ट्स पर काम करती है।
यह कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर के कई सेक्टर में काम करती है और मुख्य रूप से उत्तर भारत में राज्य सरकारों और सरकारी एजेंसियों के लिए प्रोजेक्ट पूरे करती है। इन इलाकों में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और दिल्ली का नेशनल कैपिटल टेरिटरी शामिल हैं।
कंपनी का IPO 38.69 गुना भरा। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 42.26 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 65.06 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 25.35 गुना सब्सक्राइब हुआ। कंपनी ने IPO खुलने से ठीक एक दिन पहले, 6 अगस्त को एंकर इन्वेस्टर्स से ₹75.55 करोड़ जुटाए थे।
Technocraft Ventures की वित्तीय सेहत
Technocraft Ventures का वित्त वर्ष 2026 में रेवेन्यू 23 प्रतिशत बढ़कर 347 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 54 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 43.32 करोड़ रुपये था। एक साल पहले रेवेन्यू 281 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 28.20 करोड़ रुपये था। कंपनी पर वित्त वर्ष 2026 में 89.76 करोड़ रुपये की उधारी थी। कंपनी अपने आईपीओ में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। 87.43
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।