Market cues : कल की भारी गिरावट के बाद आज निफ्टी में हो सकती है रिकवरी की कोशिश, इन लेवल्स पर रहे नजर
Nifty Trade setup : गुरुवार को आई भारी गिरावट के बाद आज निफ्टी में रिकवरी की कोशिश हो सकती है। लेकिन यह देखना अहम होगा कि क्या यह बढ़त टिकती है या नहीं। ऊपर की तरफ 23,200-23,300 के दायरे में रेजिस्टेंस है। जबकि 23,000 के नीचे गिरावट से पैनिक सेलिंग आ सकती है और निफ्टी 22,700 के स्तर तक गिर सकता है
Trade Setup : बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाले 'इंडिया VIX' में 22.64% की जबरदस्त तेजी आई और यह 12.68 पर पहुंच गया। यह 8 जुलाई के बाद से एक दिन में आई सबसे बड़ी बढ़त थी
Trade setup for today : 24 सितंबर को निफ्टी पर बिकवाली का भारी दबाव दिखा और यह 1.64 प्रतिशत गिर गया। यह 8 जुलाई के बाद से एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट थी। बाज़ार में मंदी का रुख मज़बूत होता दिखा। सभी अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुके रहे, जिससे बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर कमजोर बना रहा। साथ ही, US 10-ईयर बॉन्ड यील्ड का बढ़कर 5.166 प्रतिशत पर पहुंचना और तेल की कीमतों का $105 प्रति बैरल से ऊपर जाना भी सेंटीमेंट पर भारी पड़ा। गुरुवार को आई भारी गिरावट के बाद आज निफ्टी में रिकवरी की कोशिश हो सकती है। लेकिन यह देखना अहम होगा कि क्या यह बढ़त टिकती है या नहीं। ऊपर की तरफ 23,200-23,300 के दायरे में रेजिस्टेंस है। जबकि 23,000 के नीचे गिरावट से पैनिक सेलिंग आ सकती है और निफ्टी 22,700 के स्तर तक गिर सकता है
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
निफ्टी 50 (23,063) के लिए अहम लेवल
पिवट पॉइंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,220, 23,276 और 23,366
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,040, 22,985 और 22,895
निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन
गैप-डाउन ओपनिंग के बाद डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी में एक लंबी लाल कैंडल बनी, जो बिकवाली के दबाव का संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा और ये सभी नीचे की ओर ही ट्रेंड कर रहे थे। RSI 40.25 से गिरकर 31.22 पर आ गया, जो मंदी के बढ़ते ट्रेंड का संकेत है। वहीं, MACD सिग्नल लाइन के नीचे बना रहा और पिछले छह सेशन में गिरावट के बाद हिस्टोग्राम पर गहरे लाल रंग का बार दिखाई दिया। ये सभी इंडिकेटर कमज़ोर होते टेक्निकल स्ट्रक्चर की ओर इशारा करते हैं और बताते हैं कि निकट भविष्य में बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।
बैंक निफ्टी (55,438) के लिए अहम लेवल
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,787, 55,923 और 56,143
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 55,346, 55,209 और 54,989
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,897, 57,285
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,050, 54,055
बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन
गैप-डाउन ओपनिंग के बाद बैंक निफ्टी 1.96 प्रतिशत गिर गया और डेली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनाई, जो बेयरिश ट्रेंड के मजबूत होने का संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा और इसके शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर जा रहे थे। इंडेक्स मई के निचले स्तर से जून के ऊंचे स्तर तक की रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से भी नीचे आ गया। RSI 40 के लेवल से नीचे गिरकर अपनी सिग्नल लाइन के भी नीचे आ गया, जबकि MACD रेफरेंस लाइन के नीचे ही बना रहा। साथ ही, पिछले छह लगातार सेशन में लगातार गिरावट के बाद हिस्टोग्राम पर एक गहरा लाल बार दिखाई दिया। ये सभी इंडिकेटर कमज़ोर होते टेक्निकल स्ट्रक्चर की ओर इशारा करते हैं और बताते हैं कि निकट भविष्य में बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारी बिकवाली जारी रखी और 24 सितंबर को ₹5,000 करोड़ से ज़्यादा के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने अपनी खरीदारी का सिलसिला जारी रखते हुए इस दौरान लगभग ₹4,300 करोड़ के शेयर खरीदे।
इंडिया VIX
बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाले 'इंडिया VIX' में 22.64% की जबरदस्त तेजी आई और यह 12.68 पर पहुंच गया। यह 8 जुलाई के बाद से एक दिन में आई सबसे बड़ी बढ़त थी। एक ही सेशन में इसके शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर जाने से तेजी की उम्मीद करने वालों के लिए सावधानी का संकेत मिला है। अगर यह 14 के लेवल से ऊपर बना रहता है तो बुल्स के लिए जोखिम और बढ़ सकता है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 24 सितंबर को गिरकर 0.81 पर आ गया, जबकि पिछले सेशन में यह 1.03 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, LIC हाउसिंग फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस, SAIL
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