कॉसपावर इंजीनियरिंग ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 161.75 फीसदी बढ़कर 5.91 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी ने 2.26 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया था।
पहली छमाही में सभी मोर्चों पर शानदार प्रदर्शन
कंपनी ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त छमाही के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। इस दौरान कंपनी के रेवेन्यू, EBITDA और ऑर्डर इनफ्लो में भी मजबूत ग्रोथ दर्ज की गई। कंपनी का कुल रेवेन्यू इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में 87.22 फीसदी बढ़कर 60.94 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 32.55 करोड़ रुपये था।
EBITDA में 113 फीसदी का उछाल
कंपनी का EBITDA भी 113.75 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 10.26 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। H1FY26 में यह 4.80 करोड़ रुपये था। EBITDA में रेवेन्यू के मुकाबले ज्यादा तेजी कंपनी की ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में सुधार का संकेत देती है। कंपनी का ऑर्डर इनफ्लो भी बढ़ा है।
कुल 76 रुपये के नए ऑर्डर मिले
इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी को कुल 76.75 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 35.14 करोड़ रुपये था। इस तरह ऑर्डर इनफ्लो में सालाना आधार पर 118.41 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। कंपनी के मुताबिक, रिन्यूएबल एनर्जी और नॉन-रिन्यूएबल सेक्टर में मजबूत मांग के चलते ऑर्डर इनफ्लो बढ़ा है।
इस साल शेयर ने तीन गुना किया पैसा
CosPower Engineering रिएक्टिव पावर कंपनसेशन सिस्टम और पावर क्वालिटी सॉल्यूशन बनाती है। कंपनी विभिन्न उद्योगों को बिजली की गुणवत्ता और पावर मैनेजमेंट से जुड़े समाधान उपलब्ध कराती है। कंपनी का शेयर 5 नवंबर को 1.99 फीसदी गिरकर 2,819 रुपये पर चल रहा था। इस साल इस शेयर ने निवेशकों का पैसा तीन गुना किया है। 5 नवंबर को शेयर बाजारों में जबर्दस्त तेजी दिखी। सेंसेक्स और निफ्टी में 2 फीसदी से ज्यादा उछाल दिखा।