पोकर्ना के शेयरों को 5 नवंबर को पंख लग गए। सुबह में शेयर मजबूत खुले। फिर 20 फीसदी चढ़ने के बाद शेयर में अपर सर्किट लग गया। शेयरों में तेजी की वजह कंपनी का सितंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन है। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 441 फीसदी बढ़कर 34.27 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 6.33 करो़ड़ रुपये था।
20 फीसदी चढ़ने के बाद 810 रुपये पर पहुंचा शेयर
Pokarna के शेयर गुरुवार को 711.15 रुपये पर खुले। फिर इसमें जबर्दस्त तेजी दिखी। 11 बजे कंपनी का शेयर 20 फीसदी चढ़कर 810.40 रुपये तक पहुंच गया। इसके बाद इसमें अपर सर्किट लग गया। शेयरों में आई इस जबर्दस्त तेजी से कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 2,105 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
कंपनी कई देशों को प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करती है
पोकर्ना ग्रेनाइट और क्वार्ट्ज सर्फेसेज बनाने और एक्सपोर्ट करने वाली देश की बड़ी कंपनियों में से एक है। यह दुनिया के कई देशों को टॉप-क्वालिटी और वर्ल्ड-क्लास प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट करती है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कंपनी की एडावन्स्ड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज है।
सितंबर तिमाही में 36% बढ़ा रेवेन्यू
शुरुआत से ही कंपनी का फोकस प्रीमियम प्रोडक्ट्स और सर्विसेज ऑफर करने पर रहा है। सितंबर तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 36 फीसदी बढ़कर 161.10 करोड़ रुपये रहा। इसमें क्वार्ट्ज सर्फेसेज सेगमेंट का बड़ा हाथ रहा।
शेयर बाजारों में जबर्दस्त तेजी
शेयर बाजारों में 5 नवंबर को जबर्दस्त तेजी दिखी। निफ्टी 1.99 फीसदी यानी 474 अंक चढ़कर 24,433 पर चल रहा था। सेंसेक्स 2.14 फीसदी यानी 1,653 अंक के उछाल के साथ 78,952 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 2.62 फीसदी की तेजी दिखी। निफ्टी मीडिया इंडेक्स को छोड़ बाकी सभी निफ्टी के सेक्टर इंडेक्स हरे निशान में चल रहे थे। सबसे ज्यादा 3.37 फीसदी का उछाल निफ्टी ऑटो इंडेक्स में दिखा। बैंक और फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों के इंडेक्स में भी अच्छी तेजी दिखी।
अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शंस के नतीजों का असर
शेयर बाजारों पर 5 नवंबर को अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शंस के नतीजों का असर दिखा। अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों हाउस ऑफ रिप्रजेंटिटिव और सीनेट में अब डेमोक्रेट्स का बहुमत हो गया है। इससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। अब अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई खत्म होने की उम्मीद से क्रूड की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। इसका शेयर बाजारों पर पॉजिटिव असर पड़ा है।