दक्षिण कोरिया, जापान और ताइवान के बाजार क्रैश, कोस्पी 6% से ज्यादा फिसला
दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों में बीते एक-डेढ़ साल में आई बड़ी तेजी की वजह चिप बनाने वाली कंपनियों में निवेश है। अब एआई में निवेश को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जिससे चिप शेयरों में बड़ी गिरावट आ रही है
दक्षिण कोरिया के शेयर बाजारों में SK Hynix के शेयरों में 9.38 फीसदी की गिरावट आई।
दक्षिण कोरिया, जापान और ताइवान के शेयर बाजारों में 5 नवंबर को बड़ी गिरावट आई। दक्षिण कोरिया शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक तो 6 फीसदी क्रैश कर गया। हालांकि, भारत सहित दूसरे एशियाई बाजारों में जबर्दस्त तेजी दिखी। टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली ने दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान के बाजारों पर दबाव बनाया।
चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में बिकवाली
अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शंस में राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की कराई हार हुई है। अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों हाउस ऑफ रिप्रजेंटिटिव और सीनेट में रिपब्लिकंस के सांसद बहुमत में आ गए हैं। इसके चलते अमेरिका में भी एआई में निवेश को लेकर संशय पैदा हो गया है। दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों में बीते एक-डेढ़ साल में आई बड़ी तेजी की वजह एआई कंपनियों में निवेश है। अब एआई कंपनियों में बिकवाली हो रही है, जिससे इन बाजारों में बड़ी गिरावट आ रही है।
Kioxia Holdings का शेयर 11 फीसदी फिसला
दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान के शेयर बाजारों में गिरावट का असर MSCI Asia Pacific Index पर भी दिखा। यह इंडेक्स कारोबार के दौरान 2.3 फीसदी तक लुढ़क गया। इसमें टेक्नोलॉजी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहा। जापान के शेयर बाजार में सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। Kioxia Holdings के शेयर 11 फीसदी से ज्यादा टूट गए। Advantest के शेयरों में करीब 8 फीसदी की गिरावट आई, जबकि Tokyo Electron के शेयर लगभग 6 फीसदी नीचे आ गए।
एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश पर पड़ सकता है असर
निवेशकों को चिंता है कि अमेरिकी चुनावों में डेमोक्रेट्स की मजबूत स्थिति से AI कंपनियों पर नियामकीय निगरानी बढ़ सकती है। इससे डेटा सेंटर के विस्तार, चिप्स की सप्लाई और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश प्रभावित हो सकता है। Pepperstone Group की स्ट्रैटेजिस्ट Dilin Wu के मुताबिक, अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट्स का मजबूत नियंत्रण कोरिया और ताइवान जैसे एशियाई बाजारों के लिए अनिश्चितता की एक और वजह बन सकता है। AI रेगुलेशन, चिप एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध और डेटा सेंटर की ऊर्जा नीतियों पर चुनाव के नतीजों का असर पड़ सकता है।
एआई पर निगरानी की बढ़ सकती है मांग
iM Securities की एनालिस्ट Yang Hyun-kyung ने Dow Jones को बताया कि दक्षिण कोरिया और ताइवान की AI इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां अमेरिका के नेतृत्व में होने वाले AI निवेश पर काफी हद तक निर्भर हैं। अगर डेमोक्रेट्स को अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में नियंत्रण मिलता है तो AI पर ज्यादा निगरानी की मांग बढ़ सकती है। इससे डेटा सेंटर के विस्तार की समयसीमा को लेकर अनिश्चितता पैदा हो सकती है।
एआई में भारी निवेश पर उठने लगे हैं सवाल
कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों में गिरावट ऐसे समय आई है, जब निवेशकों के बीच AI कंपनियों में हो रहे भारी निवेश से मिलने वाले रिटर्न को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर, चिप्स और डेटा सेंटर पर अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं। हालांकि, निवेशकों को अब यह चिंता सताने लगी है कि क्या इन निवेशों से पर्याप्त कमाई हो पाएगी।
कोस्पी में 6 फीसदी से ज्यादा गिरावट
भारतीय समय के मुताबिक, 11:30 कोस्पी 6.03 फीसदी नीचे चल रहा था। ताइवान के शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक ताइवान वेटेड 3.20 फीसदी नीचे था। जापान के निक्केई पर 2.13 फीसदी का दबाव दिखा। चीन के शेयर बाजारों में भी गिरावट दिखी। इधर, भारत के शेयर बाजारों में जबर्दस्त तेजी दिखी। निफ्टी 1.85 फीसदी यानी 441 अंक चढ़कर 24,401 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.98 फीसदी यानी 1528 अंक के उछाल के साथ 78,832 पर था।
दक्षिण कोरिया के शेयर बाजारों में SK Hynix के शेयरों में 9.38 फीसदी की गिरावट आई। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर भी 7.68 फीसदी क्रैश कर गया। ताइवान में भी चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में बड़ी बिकवाली दिखी। इन कंपनियों के शेयरों में बीते एक-डेढ साल में बड़ी तेजी आई थी। इससे दक्षिण कोरिया का बाजार दुनिया में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला बाजार बन गया था। अब टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट से इन बाजारों में बड़ी गिरावट दिख रही है।