Samvat 2083 : मोतीलाल ओसवाल को नए संवत में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद, बाजार से बंपर कमाई के लिए सुझाई ये रणनीति

Samvat 2083: ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY27 में निफ्टी की अर्निंग में 16% की बढ़ोतरी होगी। बेहतर होते वैल्यूएशन को ध्यान में रखते हुए उसकी BFSI, मैन्युफैक्चरिंग और कंजम्पशन सेक्टर को प्राथमिकता देने की सलाह है

अपडेटेड Nov 05, 2026 पर 1:13 PM
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Diwali picks : मोतीलाल ओसवाल का यह भी मानना ​​है कि बाजार में करेक्शन के बाद वैल्यूएशन अब ज्यादा अच्छे हो गए हैं। निफ्टी अपने फॉरवर्ड अर्निंग्स के 17.5 गुना पर ट्रेड कर रहा है जो इसके लॉन्ग-टर्म एवरेज से लगभग 16 प्रतिशत नीचे है

Samvat 2083 : देश की जानी-मानी ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज का कहना है कि भारतीय इक्विटी बाजार एक चुनौती भरे ग्लोबल माहौल के बीच संवत 2083 में प्रवेश कर रहे हैं, लेकिन घरेलू आर्थिक विकास की मजबूती और कॉर्पोरेट अर्निंग में सुधार की उम्मीदें हमें बल दे रही हैं। ब्रोकरेज का मानना ​​है कि FY27 में इंडिया इंक की अर्निंग में फिर से डबल-डिजिट ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इसमें निफ्टी की प्रति शेयर कमाई (EPS) में सालाना आधार पर 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। इसके बाद FY28 में 14 प्रतिशत की ग्रोथ हो सकती है। यह FY26 के अनुमानित 5 प्रतिशत की मामूली ग्रोथ के मुकाबले एक बड़ा सुधार होगा।

मुश्किल भरा रहा संवत 2082

चालू संवत निवेशकों के लिए काफी मुश्किल भरा रहा। 29 अक्टूबर तक निफ्टी में लगभग 12 प्रतिशत की गिरावट आई। इसकी वजह पश्चिमी एशिया संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाना, रुपये की कमजोरी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली रहे। जनवरी से सितंबर 2026 के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगभग 28 अरब डॉलर की निकासी की है।


घरेलू फंडामेंट्लस काफी मजबूत

हालांकि, ब्रोकरेज का मानना ​​है कि घरेलू फंडामेंट्लस काफी मजबूत स्थिति हैं। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी में 7.8 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। जबकि सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) में रिकॉर्ड निवेश आने से घरेलू निवेशकों को विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली की भरपाई करने में मदद मिली।

बाजार में करेक्शन के बाद वैल्यूएशन अब ज्यादा अच्छे

मोतीलाल ओसवाल का यह भी मानना ​​है कि बाजार में करेक्शन के बाद वैल्यूएशन अब ज्यादा अच्छे हो गए हैं। निफ्टी अपने फॉरवर्ड अर्निंग्स के 17.5 गुना पर ट्रेड कर रहा है जो इसके लॉन्ग-टर्म एवरेज से लगभग 16 प्रतिशत नीचे है। मिडकैप का वैल्यूएशन भी अपने ऐतिहासिक एवरेज से लगभग 6 प्रतिशत नीचे है। जबकि स्मॉलकैप अभी भी 25 प्रतिशत प्रीमियम पर बने हुए हैं, जिसके चलते इस सेगमेंट में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।

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इन बातों को ध्यान में रखते हुए ब्रोकरेज फर्म की सलाह कि पूरे बाजार में निवेश करने के बजाय निवेशकों को चुनिंदा शेयरों में ही निवेश करने की रणनीति अपनानी चाहिए। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि संवत 2083 में कच्चे तेल के रुझान, RBI के ब्याज दरों से जुड़े फैसले, विदेशी निवेशकों के रुझान, ट्रेड डील पर होने वाली प्रगति और कॉर्पोरेट अर्निंग की स्थिति जैसे फैक्टर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। मोतीलाल ओसवाल की राय ​​है कि बेहतर होते अर्निंग आउटलुक, लार्ज-कैप शेयरों का अच्छा वैल्युएशन और मजबूत घरेलू मांग का मेल नए संवत में निवेश के मौके पैदा कर सकते हैं। लेकिन निवेशकों अपने शेयर चुनने में सावधानी बरतनी चाहिए तभी कमाई हो पाएगी।

 

 

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