Happy Forgings IPO : पंजाब स्थित ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी हैप्पी फोर्जिंग्स (Happy Forgings) अपना आईपीओ लाने जा रही है। इसके लिए कंपनी ने मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर दिया है। आईपीओ के तहत 500 करोड़ रुपये के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों और प्रमोटरों द्वारा 80.5 लाख शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत की जाएगी।
OFS के हिस्से के रूप में परितोष कुमार गर्ग (HUF) द्वारा 53.7 लाख शेयर और इंडिया बिजनेस एक्सीलेंस फंड III द्वारा 26.8 लाख शेयरों की बिक्री की जाएगी। 227.86 करोड़ रुपये के इश्यू से प्राप्त फंड का इस्तेमाल इक्विपमेंट, प्लांट और मशीनरी खरीदने के लिए किया जाएगा। वहीं, 190 करोड़ रुपये का उपयोग कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। 15 जुलाई तक कंपनी पर कुल 203.23 करोड़ रुपये की उधारी बकाया है। जेएम फाइनेंशियल, एक्सिस कैपिटल, इक्विरस कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड और मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड इस इश्यू के प्रमुख मैनेजर हैं।
Happy Forgings कई तरह के कंपोनेंट्स की इंजीनियरिंग, प्रोसेस डिजाइन, टेस्टिंग, प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन में शामिल है। यह प्रॉफिट मार्जिन में पॉजिटिव योगदान देते हैं और अतिरिक्त मूल्य प्रदान करते हैं। इसका मेन फोकस घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ओरिजनल इक्विपमेंट बनाने (OEM) पर है, जो ऑटोमोटिव सेक्टर के भीतर कमर्शियल व्हीकल का उत्पादन करते हैं।
इसके अलावा, कंपनी नॉन-ऑटोमोटिव इंडस्ट्रीज जैसे कि फार्म इक्विपमेंट, ऑफ-हाईवे व्हीकल और तेल और गैस, बिजली उत्पादन, रेलवे और पवन टरबाइन इंडस्ट्री जैसे सेक्टर्स के लिए इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट और मशीनरी तैयार करती है। कंपनी मजबूत जाली और मशीनी आइटम का उत्पादन करती है। इनमें क्रैंकशाफ्ट, फ्रंट एक्सल बीम, स्टीयरिंग नकल, डिफरेंशियल केस, ट्रांसमिशन कंपोनेंट, पिनियन शाफ्ट, सस्पेंशन आइटम और वाल्व बॉडी शामिल हैं। ये प्रोडक्ट्स कई इंडस्ट्रीज के काम आते हैं और कई कस्टमर्स बेस को पूरा करते हैं।
कंपनी के पास तीन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं और उन्हें मैनेज करती है। इनमें से दो लुधियाना के कंगनवाल में स्थित हैं, जबकि एक पंजाब के लुधियाना के दुगरी में स्थित है। फोर्जिंग और मशीनिंग के लिए कंबाइंड ईयरली इंस्टॉल्ड कैपिसिटी 31 मार्च 2023 तक क्रमशः 67,000 मीट्रिक टन और 29,500 मीट्रिक टन से बढ़कर क्रमशः 107,000 मीट्रिक टन और 46,100 मीट्रिक टन हो गई है।
FY23 में कंपनी ने एक साल पहले के 860.05 करोड़ रुपये के मुकाबले 1,196.53 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया। वर्ष के लिए नेट प्रॉफिट पिछले साल के 142.29 करोड़ रुपये से बढ़कर 208.70 करोड़ रुपये हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 26.85 फीसदी से बढ़कर 28.49 फीसदी हो गया।