ड्रोन बनाने वाली कंपनी IdeaForge Technology के IPO को निवेशकों की शानदार प्रतिक्रिया मिली है। यह इश्यू कुल 106.06 गुना सब्सक्राइब हुआ है। आईपीओ क्लोज होने के बाद अब निवेशकों की निगाह शेयर अलॉटमेंट और लिस्टिंग पर है। शेड्यूल के मुताबिक सफल निवेशकों को शेयरों का अलॉटमेंट 5 जुलाई को फाइनल होने की संभावना है। वहीं, रिफंड की प्रक्रिया 6 जुलाई को शुरू होगी। शेयर 7 जुलाई को सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में जमा किए जाएंगे। इसके अलावा, शेयरों की लिस्टिंग 10 जुलाई को होने की संभावना है।
सभी कैटेगरी में मजबूत प्रतिक्रिया
567 करोड़ रुपये के इस आईपीओ को 26 जून से 30 जून के दौरान सभी कैटेगरी में निवेशकों की शानदार प्रतिक्रिया मिली है। इसके तहत, ऑफर पर 46.48 लाख शेयरों की तुलना में इसे 49.30 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली। रिटेल कैटेगरी के लिए रिजर्व हिस्से को 85.20 गुना और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के हिस्से को 125.81 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। इसके अलावा, नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का हिस्सा 80.58 गुना सब्सक्राइब हुआ।
सब्सक्रिप्शन खत्म होने के बाद भी इस इश्यू को लेकर ग्रे मार्केट में जबरदस्त क्रेज है। आज यह इश्यू अनलिस्टेड मार्केट में 523 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। इसका मतलब है कि कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 1195 रुपये प्रति शेयर के भाव पर हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो आईपीओ निवेशकों को 77 फीसदी का बंपर मुनाफा होगा। बता दें कि इश्यू के लिए 638-672 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया था।
IdeaForge Technology के आईपीओ के तहत 240 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए गए। इसके अलावा, प्रमोटरों और निवेशकों द्वारा 327 करोड़ रुपये के 48.69 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत की गई। प्री-आईपीओ ट्रांजेक्शन में कंपनी ने लगभग 60 करोड़ रुपये जुटाए। नतीजतन फ्रेश इश्यू का आकार 300 करोड़ से घटकर 240 करोड़ रुपये कर दिया गया।
नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कर्ज चुकाने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, प्रोडक्ट डेवलपमेंट में निवेश और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा। इश्यू के लिए रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है।
ideaForge Tech के बारे में डिटेल्स
आइडियाफोर्ज अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम्स (UAS) बनाती है जिसका इस्तेमाल मैपिंग, सिक्योरिटी और सर्विलांस में होता है। यह देश की सबसे बड़ी ड्रोन कंपनी है और वित्त वर्ष 2022 में इसके पास 50 फीसदी मार्केट शेयर था। दिसंबर 2022 में ड्रोन इंडस्ट्री इनसाइट्स की रिपोर्ट के मुताबिक सिविल और डिफेंस, दोनों के ड्रोन के हिसाब से यह दुनिया की सातवीं सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो इसके मुनाफे में पिछले चार वित्त वर्षों से उतार-चढ़ाव दिख रहा है।