IdeaForge Technology IPO : ड्रोन बनाने वाली कंपनी IdeaForge Technology के आईपीओ को निवेशकों की शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। कंपनी ने 26 जून से तीन दिनों तक के लिए अपना आईपीओ लॉन्च किया था। हालांकि, कंपनी के अनुरोध को स्वीकार करते हुए सेबी ने इस ऑफर को शुक्रवार, 30 जून तक चलने की अनुमति दे दी है। यह आईपीओ अब तक 50.38 गुना सब्सक्राइब हुआ है। इस आईपीओ में सभी कैटेगरी के निवेशकों ने जमकर दांव लगाया है। जबरदस्त रिस्पॉन्स के चलते ग्रे मार्केट में इस इश्यू का क्रेज अब भी बना हुआ है। इश्यू के लिए 638-672 रुपये का प्राइस बैंड तय किया गया है। कंपनी का इरादा 567 करोड़ रुपये जुटाने का है।
ग्रे मार्केट में जबरदस्त क्रेज
IdeaForge Technology के IPO को लेकर ग्रे मार्केट में जबरदस्त क्रेज है। निवेशकों की शानदार प्रतिक्रिया के बीच आज यह इश्यू अनलिस्टेड मार्केट में 515 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। इसका मतलब है कि निवेशकों को लिस्टिंग पर 76 फीसदी का बंपर मुनाफा होने की संभावना है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 1187 रुपये प्रति शेयर के भाव पर हो सकती है।
रिटेल निवेशकों ने की पैसों की बारिश
IdeaForge Technology का यह आईपीओ अब तक 50.38 गुना सब्सक्राइब हुआ है। इसे रिटेल निवेशकों के साथ ही सभी कैटेगरी में अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 38.62 गुना सब्सक्राइब हुआ है। वहीं, नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 64.06 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 64.48 गुना सब्सक्राइब हुआ है।
आईपीओ से जुड़ी अन्य डिटेल
आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 4 जुलाई को फाइनल होगा और बीएसई-एनएसई पर 7 जुलाई को लिस्टिंग होगी। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कर्ज चुकाने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, प्रोडक्ट डेवलपमेंट में निवेश और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा। इश्यू के लिए रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है।
ideaForge Tech के बारे में डिटेल्स
आइडियाफोर्ज अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम्स (UAS) बनाती है जिसका इस्तेमाल मैपिंग, सिक्योरिटी और सर्विलांस में होता है। यह देश की सबसे बड़ी ड्रोन कंपनी है और वित्त वर्ष 2022 में इसके पास 50 फीसदी मार्केट शेयर था। दिसंबर 2022 में ड्रोन इंडस्ट्री इनसाइट्स की रिपोर्ट के मुताबिक सिविल और डिफेंस, दोनों के ड्रोन के हिसाब से यह दुनिया की सातवीं सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो इसके मुनाफे में पिछले चार वित्त वर्षों से उतार-चढ़ाव दिख रहा है।