InCred Holdings IPO का अपडेटेड ड्राफ्ट जमा, ₹4000 करोड़ तक रह सकता है साइज; रहेंगे ₹1250 करोड़ के नए शेयर

InCred Holdings IPO: इनक्रेड ने नवंबर 2025 में कॉन्फिडेंशियल रूट से अपने IPO का ड्राफ्ट सेबी के पास जमा किया था। पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का एक बड़ा हिस्सा 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी IFSL में डाला जाएगा

अपडेटेड May 07, 2026 पर 1:19 PM
InCred Holdings अपने IPO के जरिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये की वैल्यूएशन हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) इनक्रेड होल्डिंग्स ने अपने IPO के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास अपडेटेड ड्राफ्ट जमा किया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, IPO का साइज लगभग 3,000-4,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। कंपनी अपने IPO के जरिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये की वैल्यूएशन हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। अपडेटेड ड्राफ्ट के मुताबिक, IPO में 1,250 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही 9.9 करोड़ तक शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा।

OFS में KKR इंडिया फाइनेंशियल इनवेस्टमेंट्स पीटीई लिमिटेड, MNI वेंचर्स, MEMG फैमिली ऑफिस LLP और V'Ocean Investments Ltd शेयरों को बिक्री के​ लिए रखेंगे। इनक्रेड होल्डिंग्स को भूपिंदर सिंह ने साल 2017 में शुरू किया था। यह इनक्रेड फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (IFSL) के माध्यम से कारोबार करती है। इनक्रेड होल्डिंग्स का कहना है कि वह अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का एक बड़ा हिस्सा 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी IFSL में डालेगी।

नवंबर में जमा किया था कॉन्फिडेंशियल ड्राफ्ट


इनक्रेड ने नवंबर 2025 में कॉन्फिडेंशियल रूट से अपने IPO का ड्राफ्ट सेबी के पास जमा किया था। इसे पब्लिक इश्यू के लिए सेबी की मंजूरी मिल गई है। कॉन्फिडेंशियल रूट कंपनियों को लिस्टिंग पर अंतिम फैसले पर पहुंचने तक गोपनीयता की सुविधा देता है। अगर जरूरी हो तो वे बाद में बाजार की स्थितियों के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा किए बिना ड्राफ्ट को वापस भी ले सकती हैं।

कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग कंपनियों को सेंसिटिव बिजनेस डिटेल्स या फाइनेंशियल मेट्रिक्स और रिस्क्स को गोपनीय रखने की इजाजत देती है, खासकर कॉम्पिटीटर्स से। दूसरी ओर स्टैंडर्ड DRHP (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) फाइलिंग के बाद एक पब्लिक डॉक्युमेंट बन जाता है। पब्लिक इश्यू के लिए IIFL कैपिटल सर्विसेज, इनक्रेड कैपिटल वेल्थ पोर्टफोलियो मैनेजर्स, कोटक महिंद्रा कैपिटल, नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया) और UBS सिक्योरिटीज इंडिया, बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।

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InCred Finance की वित्तीय सेहत

CRISIL की एक रिपोर्ट के अनुसार, InCred Finance (IFSL का ब्रांड नेम) के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट वित्त वर्ष 2023 और 2025 के बीच 44 प्रतिशत की CAGR यानि कि चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़े। 31 मार्च, 2025 तक 12,585 करोड़ रुपये के हो गए। इसी दौरान शुद्ध मुनाफा 85 प्रतिशत की CAGR से बढ़कर 373 करोड़ रुपये हो गया। अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान एसेट्स अंडर मैनेजमेंट 14,448 करोड़ रुपये के थे। शुद्ध मुनाफा 290 करोड़ रुपये था। वहीं डिस्बर्समेंट 6,683 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2025 के दौरान कंपनी का मुनाफा लगभग 21 प्रतिशत बढ़कर ​3.73 अरब रुपये हो गया।

31 दिसंबर, 2025 तक InCred Finance का ग्रॉस नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) रेशियो 2.28 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो 0.87 प्रतिशत था। दिसंबर 2025 तक, कंपनी का नेटवर्क 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 152 शहरों में 158 ब्रांचों तक फैला हुआ था। पहुंच 17,000 से ज्यादा पिन कोड तक थी। कंपनी का पोर्टफोलियो 5 बिजनेस वर्टिकल्स में बंटा हुआ है, जिसमें पर्सनल लोन सबसे आगे हैं। पर्सनल लोन का एसेट्स अंडर में योगदान 55.56 प्रतिशत है। इसके बाद स्टूडेंट लोन है, जिसका योगदान 22.15 प्रतिशत है।

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