सितंबर माह में भारतीय स्टॉक एक्सचेंजेस (Stock Exchanges) पर कई नई कंपनियां लिस्ट हुईं। इनकी संख्या भले ही अगस्त की तुलना में ज्यादा रही लेकिन मेनबोर्ड IPO का प्रीमियम अगस्त के मुकाबले घट गया। डेटा के मुताबिक, अगस्त 2023 में जहां मेनबोर्ड IPO का प्रीमियम 28 प्रतिशत रहा था, वहीं सितंबर में यह गिरकर 18 प्रतिशत पर आ गया। एक्सपर्ट इसके पीछे आईपीओ की एग्रेसिव वैल्यूएशन को एक वजह मानते हैं। HDFC सिक्योरिटीज के रिटेल रिसर्च हेड दीपक जसानी का मानना है कि बाजार में सामान्य तौर पर थकान के संकेत दिख रहे हैं। सितंबर में हल्का रिटर्न, मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में देखे गए भारी बिकवाली दबाव के कारण है। नतीजतन, महंगे पब्लिक इश्यूज को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
राइट रिसर्च की फाउंडर सोनम श्रीवास्तव ने वैश्विक घटनाक्रमों से निवेशकों के विश्वास में गिरावट को इस मंदी के लिए जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही यह भी कहा कि मार्केट वैल्यूएशन को लेकर संदेह बढ़ रहा है। कुछ आईपीओ को तो ओवरप्राइस्ड भी माना गया है।
सितंबर में 10 नई कंपनियों की एंट्री
इस साल सितंबर माह में 10 से ज्यादा कंपनियों ने शेयर बाजार (Stock Market) में एंट्री की। ये कंपनियां मेनबोर्ड की थीं। इनमें से केवल ज्यूपिटर लाइफ हॉस्पिटल्स (Jupiter Life Hospitals) और विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया के शेयर अपनी लिस्टिंग डेट पर इश्यू प्राइस की तुलना में 46 प्रतिशत की बढ़त दर्ज कर सके। अन्य कोई 40 प्रतिशत प्रीमियम का मार्क क्रॉस नहीं कर पाया।
जहां तक अगस्त की बात है तो लगभग 6 मेनबोर्ड कंपनियां एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध हुई थीं। एसबीएफसी फाइनेंस के शेयर ने अपनी लिस्टिंग की तारीख पर इश्यू प्राइस से 61 प्रतिशत का गेन दर्ज किया। एयरोफ्लेक्स इंडस्ट्रीज के शेयर ने 51 प्रतिशत और कॉनकॉर्ड बायोटेक के शेयर ने 27 प्रतिशत लिस्टिंग गेन दर्ज किया।
SME IPO लिस्टिंग का प्रदर्शन बेहतर
आंकड़ों से पता चलता है कि SME IPO के मामले में, लिस्टिंग के दिन का एवरेज गेन सितंबर में बढ़कर 63 प्रतिशत हो गया। अगस्त में यह 52 प्रतिशत था। वीएफएक्स-सॉल्यूशंस कंपनी बेसिलिक फ्लाई स्टूडियो ने सितंबर में अपनी लिस्टिंग की तारीख पर सबसे ज्यादा गेन दर्ज किया। वहीं अगस्त में रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी सुंगार्नर एनर्जीस को सबसे ज्यादा लिस्टिंग गेन हुआ था। दोनों शेयरों को लिस्टिंग के दिन 200 प्रतिशत से अधिक की बढ़त हासिल हुई। इंडिपेंडेंट मार्केट एनालिस्ट अंबरीश बालिगा का मानना है कि सितंबर में एसएमई आईपीओ की लिस्टिंग मेनबोर्ड से बेहतर रही, जिसका कारण निवेशकों का जल्दी पैसा कमाने का लालच है।
आगामी IPO को लेकर क्या अनुमान
अक्टूबर में 4 मेनबोर्ड IPOs लिस्ट होने की संभावना है, जो कि JSW Infrastructure, अपडेटर सर्विसेज, वैलिएंट लैबोरेटरीज और प्लाजा वायर्स हैं। इसके अलावा 10 SME IPOs भी मार्केट में एंट्री कर सकते हैं। आगे होने वाली लिस्टिंग्स की बात करें तो शेयरों की ओपनिंग का रुख कैसा रहेगा, यह मार्केट सेंटिमेंट्स, IPOs की क्वालिटी और प्राइसिंग डायनैमिक्स पर निर्भर करेगा। अगर अनिश्चितता रही तो लिस्टिंग गेन प्रभावित होगा।