JSW Infra IPO : जेएसडब्ल्यू इंफ्रा इस महीने के अंत तक अपना आईपीओ लॉन्च कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह 13 सालों में जेएसडब्ल्यू ग्रुप का पहला इनिशियल पब्लिक ऑफर होगा। इस आईपीओ का साइज 2800-2850 करोड़ रुपये हो सकता है। मनीकंट्रोल को कई सूत्रों से यह जानकारी मिली है। इस आईपीओ के तहत पूरी तरह से फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे, यानी इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत कोई बिक्री नहीं होगी। हालांकि, कंपनी ने इस बारे में टिप्पणी से इनकार कर दिया।
कहां होगा फंड का इस्तेमाल
देश के दूसरे सबसे बड़े कमर्शियल पोर्ट ऑपरेटर जेएसडब्ल्यू इंफ्रा इश्यू से प्राप्त आय का इस्तेमाल अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनियों, जेएसडब्ल्यू धरमतार पोर्ट और जयगढ़ पोर्ट के कर्ज का भुगतान करने के लिए करेगी। इसके अलावा, कंपनी ने दो अन्य सब्सिडियरी कंपनियों जेएसडब्ल्यू जयगढ़ पोर्ट और जेएसडब्ल्यू मैंगलोर कंटेनर टर्मिनल के कैपिटल एक्सपेंडिचर को फंड करने की योजना बनाई है।
JSW Infra के पास मोर्मुगाओ गोवा में एक पोर्ट कन्सेशन थी, जिसे उसने 2002 में हासिल किया था। इस पोर्ट में 2004 में ऑपरेशन शुरू हुआ था। कंपनी का ऑपरेशन पूरे भारत में 31 दिसंबर 2022 तक नौ पोर्ट कन्सेशन तक विस्तारित हो गया है, जिससे यह एक डायवर्सिफाइड मैरीटाइम पोर्ट एंटिटी बन गया है। पोर्ट कन्सेशन एक कॉन्ट्रैक्ट है जिसमें सरकार एक पोर्ट को संचालित करने का अधिकार एक प्राइवेट एंटरप्राइजेज को ट्रांसफर करती है।
JSW Infra का राजस्व वित्त वर्ष 2019-20 में 1,143 करोड़ रुपये से दोगुना से अधिक बढ़कर वित्त वर्ष 22-23 में 2,273 करोड़ रुपये हो गया है। मई 2023 में जेएसडब्ल्यू इंफ्रा ने 2800 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर दायर किया। कंपनी ने इस कदम पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
23 अरब अमेरिकी डॉलर वाले JSW ग्रुप को देश के प्रमुख बिजनेस हाउस में शुमार किया जाता है। JSW की स्टील, एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर, सीमेंट, पेंट्स, वेंचर कैपिटल और स्पोर्ट्स सहित अन्य सेक्टर्स में स्थायी मौजूदगी है।