JSW Infrastructure IPO: सज्जन जिंदल की अगुआई वाली जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर (JSW Infrastructure) का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) सोमवार 25 सितंबर से बोली के लिए खुल गया है। बोली की आखिरी तारीख 27 सितंबर है। कंपनी ने IPO के लिए 113 से 119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी अपने IPO से कुल 2,800 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। IPO खुलने से पहले 22 सितंबर को इसने 65 एंकर निवेशकों से करीब 1,260 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस कंपनी की अदाणी पोर्ट्स (Adani Ports) से तुलना की जा रही हैं। आइए 5 चार्ट्स में JSW इंफ्रा के वित्तीय प्रदर्शन, रिटर्न रेशियो, शेयरहोल्डिंग पैटर्न, बंदरगाहों और टर्मिनल के बारे में समझने की कोशिश करते हैं-
1. JSW इंफ्रास्ट्रक्चर का वित्तीय प्रदर्शन
JSW इंफ्रा का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2023 में सालाना आधार पर 40.55 प्रतिशत बढ़कर 3,194 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी अवधि में 2,273 करोड़ रुपये था। वहीं कंपनी का शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2023 में सालाना आधार पर 126.8 प्रतिशत 749.5 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2022 में 330.4 करोड़ रुपये था।
2. JSW इंफ्रा का रिटर्न रेशियो
जेएसडब्ल्यू इंफ्रा का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) मार्च 2022 और मार्च 2023 में क्रमशः 9.52 प्रतिशत और 18.33 प्रतिशत था। वहीं इसका रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड (RoCE) मार्च 2022 में 10.88 फीसदी था, जो मार्च 2023 में बढ़कर 19.49 फीसदी हो गया।
3. JSW इंफ्रा बना अदाणी पोर्ट्स
JSW इंफ्रा का रेवेन्यू मार्च 2023 में 3,194 करोड़ रुपये रहा, जबकि अदाणी पोर्ट्स का रेवेन्यू इसी दौरान 20,851.9 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि JSW इंफ्रा के रेवेन्यू में वित्त वर्ष 2021 से 2023 के दौरान 41 फीसदी CAGR की दर से ग्रोथ दर्ज की गई, जबकि अदाणी पोर्ट्स का इस दौरान रेवेन्यू ग्रोथ 41 फीसदी CAGR रहा।
आईपीओ से पहले JSW इंफ्रा में प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 96.4 फीसदी थी, जबकि पब्लिक की हिस्सेदारी 3.6 फीसदी थी। हालांकि आईपीओ के बाद प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी घटकर 85.6 पर आ जाएगा, जबकि पब्लिक हिस्सेदारी बढ़कर 14.4 पर पहुंच जाएगी।
30 जून 2023 तक के आंकड़ों के मुताबिक, JSW के पास 2 बंदरगाह और 7 टर्मिनल्स का कारोबार था। इसके अलावा यह O&M समझौते के तहत संयुक्त अरब अमीरात में भी टर्मनिल्स को ऑपरेट करती है।